आंबोली पॉइंट में सुनाई दी चीखें, सेल्फी की लालसा में गहरी खाई में जा गिरा पर्यटक

राजेंद्र सनगर रेलिंग के पास जाकर फोटो ले रहे थे। उसी समय उनका संतुलन बिगड़ा और वे सीधे करीब 300 से 400 फीट गहरी खाई में गिर गए। उनके दोस्तों की चीख-पुकार से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया।
सेल्फी की लालसा से गहरी खाई में जा गिरा कोल्हापुर का पर्यटक
सेल्फी की लालसा से गहरी खाई में जा गिरा कोल्हापुर का पर्यटक (सौजन्यः सोशल मीडिया)
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सिंधुदुर्ग: महाराष्ट्र के मशहूर हिल स्टेशन आंबोली की ठंडी और हरी-भरी वादियां शुक्रवार शाम एक दर्दनाक हादसे का गवाह बनीं। घूमने-फिरने आए कोल्हापुर के एक 45 वर्षीय पर्यटक की जान महज एक फोटो के शौक ने जोखिम में डाल दी। रेलिंग के पास खड़े होकर सुंदर नज़ारे को कैमरे में कैद करते हुए उसका पांव फिसला और वह सीधा सैकड़ों फीट गहरी खाई में जा गिरा।

मृतक की पहचान कोल्हापुर के चिले कॉलनी निवासी राजेंद्र बाळासो सनगर (45 वर्ष) के रूप में हुई है। यह हादसा शुक्रवार शाम करीब 5:30 बजे हुआ। बताया जा रहा है कि राजेंद्र सनगर अपने मित्रों के साथ आंबोली के प्रसिद्ध कावळेसाद पॉइंट की प्राकृतिक सुंदरता देखने आए थे। यह पॉइंट अपनी गहरी घाटियों और बादलों में लिपटे मनोरम दृश्यों के लिए मशहूर है, लेकिन वहां की खाइयां उतनी ही जानलेवा भी हैं।

हादसे का पूरा घटनाक्रम

पुलिस के मुताबिक, राजेंद्र सनगर रेलिंग के पास जाकर फोटो ले रहे थे। उसी समय उनका संतुलन बिगड़ा और वे सीधे करीब 300 से 400 फीट गहरी खाई में गिर गए। उनके दोस्तों की चीख-पुकार से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। साथियों ने तुरंत पुलिस और स्थानीय प्रशासन को सूचना दी। सूचना पाते ही पुलिस, वन विभाग और आपदा प्रबंधन की टीमें मौके पर पहुंचीं और तलाशी अभियान शुरू कर दिया गया। गहरी खाई में उतरना बेहद मुश्किल था, लेकिन फिर भी दल ने कोशिशें जारी रखीं।

घना कोहरा और अंधेरा बना सबसे बड़ी चुनौती

अभियान में सबसे बड़ी बाधा घना कोहरा और शाम का अंधेरा बना। जैसे-जैसे सूरज ढलता गया, कोहरा और भी गहराता गया और दृश्यता शून्य के करीब पहुंच गई। जंगल और पथरीली ढलानों के बीच अभियान जारी रखना असंभव हो गया। अंततः, रात में सर्च ऑपरेशन को स्थगित करना पड़ा।अधिकारियों के मुताबिक, शनिवार सुबह होते ही तलाशी और बचाव अभियान फिर से शुरू किया जाएगा। इस अभियान में पुलिस बल, वन विभाग के कर्मचारी, आपदा प्रबंधन दल और स्थानीय ग्रामीण भी हिस्सा लेंगे।

राजेंद्र सनगर के गिरते ही उनके दोस्तों की आंखों के सामने मानो वक्त थम गया। उन्हें कुछ समझ नहीं आया और वे बदहवासी में मदद के लिए दौड़े। उनके परिवार को सूचना दी गई है। हादसे की खबर सुनकर कोल्हापुर में भी उनके घर पर मातम पसरा हुआ है।

पर्यटन स्थल की सुंदरता के पीछे छिपा खतरा

कावळेसाद पॉइंट की गहरी घाटियां, हरियाली और झरने पर्यटकों को आकर्षित करते हैं, लेकिन सुरक्षा के लिहाज से यह इलाका बेहद चुनौतीपूर्ण है। यहां रेलिंग और चेतावनी बोर्ड लगे होने के बावजूद अक्सर पर्यटक रोमांच और सेल्फी के चक्कर में खतरे को नजरअंदाज कर देते हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि हर साल इस तरह के हादसे होते हैं। पर्यटक सुरक्षा नियमों की अनदेखी करते हैं और कुछ मीटर आगे तक चले जाते हैं ताकि “बेहतरीन फोटो” आ सके। प्रशासन की ओर से कई बार चेतावनी दी गई है, लेकिन हादसों की संख्या कम नहीं हो रही।

प्रशासन की अपील

प्रशासन ने इस घटना को बेहद दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए पर्यटकों से अपील की है, रेलिंग और बैरिकेड के पार न जाएं। फोटो या सेल्फी लेते वक्त सतर्क रहें। चेतावनी बोर्डों और स्थानीय निर्देशों का पालन करें। किसी भी आपात स्थिति में तुरंत प्रशासन को सूचित करें। अधिकारियों का कहना है कि इस हादसे के बाद आंबोली और अन्य पर्यटन स्थलों पर सुरक्षा इंतजाम और मजबूत किए जाएंगे। ज्यादा चेतावनी संकेत लगाए जाएंगे और गाइड या सुरक्षा कर्मियों की संख्या भी बढ़ाई जाएगी ताकि ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।

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