शिंदे गुट के नेता का 'अघोरी पूजा' करते हुए वीडियो वायरल, UBT नेता ने कसा तंज, बोले-महायुति पर भरोसा नहीं?

Maharashtra Politics: विधायक और कैबिनेट मंत्री बनने के लिए शिंदे गुट के नेता का अघोरी पूजा करते हुए वीडियो वायरल हो रहा है। इस पर नेता ने पलटवार करते हुए अपने आप को 'हिंदुत्ववादी' बताया है।
अघोरी पूजा करते हुए मंत्री भरत गोगावले
अघोरी पूजा करते हुए मंत्री भरत गोगावले
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मुंबई: एकनाथ शिंदे और उद्धव ठाकरे गुट के बीच एक बार फिर सियासी घमासान तेज हो गया है। शिंदे गुट के मंत्री भरत गोगावले ने मंत्री बनने के लिए अघोरी पूजा की थी। इस पूजा का वीडियो वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर मंत्री का जमकर मजाक उड़ाया जा रहा है। शिवसेना (UBT) और एनसीपी ने बुधवार को दावा किया कि महाराष्ट्र के मंत्री भरत गोगावले ने पिछले साल के विधानसभा चुनावों में अपनी जीत और कैबिनेट में जगह पाने के लिए इसी तरह के नुस्कों का सहारा लिया था।

कैबिनेट मंत्री बनने के लिए पिछली बार भी की थी अघोरी पूजा

मंत्री भरत गोगावले का वीडियो वायरल होने के बाद उन्हें निशाना बनाया गया, जिसमें कथित तौर पर उन्हें ‘मांत्रिक’ (Witch Doctor)) के साथ कुछ अनुष्ठान करते हुए दिखाया गया था। शिवसेना (UBT) के वसंत मोरे और एनसीपी के सूरज चव्हाण ने शिवसेना के मंत्री का मजाक उड़ाया। वसंत मोरे ने कहा कि गोगावले ने पहले विधायक और कैबिनेट मंत्री बनने के लिए गुप्त अनुष्ठान किए थे, जबकि सूरज चव्हाण ने बुधवार (18 जून) को दावा किया कि उन्होंने हाल ही में रायगढ़ जिले के संरक्षक मंत्री बनने की उम्मीद में इस तरह के अनुष्ठानों के एक और दौर में हिस्सा लिया।

गोगावले को महायुति पर भरोसा नहीं?

सूरज चव्हाण ने कहा, कि महाराष्ट्र एक प्रगतिशील राज्य है और गोगावले को महायुति नेतृत्व पर भरोसा करना चाहिए। शिवसेना और एनसीपी दोनों ही रायगढ़ के संरक्षक मंत्री पद के लिए होड़ में हैं।

मंत्री भरत गोगावले ने मजाक का दिया जवाब

अपने वायरल वीडियो पर जवाब देते हुए गोगावले ने खुद को 'हिंदुत्ववादी' बताया और कहा कि वह भगवान में विश्वास करते हैं। मंत्री भरत गोगावले ने सफाई देने के साथ विरोधी पार्टी के नेता पर तंज कसते हुए कहा, हमने इंदौर में एक धार्मिक स्थल का दौरा किया था। इस दौरान हवन और पूजा की थी। उन्होंने कहा कि अगर वसंत मोरे को लगता है कि मैं पूजा करने के बाद विधायक और फिर मंत्री बन गया, तो उन्हें मुझे बताना चाहिए था। मैं उन्हें अपने साथ ले जाता ताकि विधानसभा चुनाव में उनकी जमानत जब्त नहीं होती। इसके साथ ही शिंदे गुट के नेता ने आगे कहा कि उन्हें निशाना बनाया जा रहा है क्योंकि उन्होंने मूल पार्टी में फूट के बारे में सच बोला था।

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