नासिक जिला परिषद की पहल, निपुण महाराष्ट्र अभियान की तैयारी; पिछड़े विद्यार्थियों के लिए विशेष योजना

Primary Education Improvement: नासिक में निपुण महाराष्ट्र अभियान के तहत पिछड़े विद्यार्थियों पर विशेष फोकस किया जा रहा है। जिला परिषद ने कक्षा 2 से 5 के छात्रों के लिए बुनियादी कौशल मजबूत करने की विशे
Nashik Zilla Parishad's initiative: Preparation for the Nipun Maharashtra campaign; special plan for underprivileged students.
प्रतीकात्मक तस्वीर ( सोर्स: सोशल मीडिया AI )
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Nipun Maharashtra Mission: नासिक राज्य में प्राथमिक शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार लाने के लिए चलाए जा रहे निपुण महाराष्ट्र अभियान के अंतर्गत, कक्षा द्वितीय से पंचम तक के विद्यार्थियों के लिए पढ़ना, लिखना, अंकगणित और संख्याओं पर संक्रियाओं जैसे बुनियादी कौशलों का ज्ञान होना अनिवार्य है। इस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए नासिक जिला परिषद पिछड़े विद्यार्थियों पर विशेष ध्यान दे रही है और यह सुनिश्चित करने के लिए एक प्रभावी कार्य योजना लागू कर रही है कि प्रत्येक विद्यार्थी इन कौशलों में निपुण हो जाए।

जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी ओंकार पवार के मार्गदर्शन में प्राथमिक शिक्षा विभाग ने निपुण महाराष्ट्र मिशन के अंतर्गत पिछड़े विद्यार्थियों के लिए एक विशेष कार्य योजना तैयार की है। इस कार्य योजना के तहत जिले के प्रत्येक तहसील में 30 विद्यालयों का चयन किया गया है और इन विद्यालयों में विद्यार्थियों की शैक्षणिक प्रगति की प्रत्यक्ष समीक्षा की जाएगी।

स्कूलों से सीधे किया जा रहा संवाद

इस पहल के तहत, मुख्य कार्यकारी अधिकारी ओंकार पवार वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग प्रणाली के माध्यम से स्कूलों से सीधे संवाद कर रहे हैं। आज उन्होंने मालेगांव तहसील के जिला परिषद प्राथमिक विद्यालय गायदरा और जिला परिषद प्राथमिक विद्यालय वडगांव के छात्रों से सीधे बातचीत की। इस संवाद के दौरान छात्रों के पढ़ने, लिखने, गणित और संख्याओं से संबंधित गतिविधियों का प्रत्यक्ष अवलोकन किया गया। इस अवसर पर उप शिक्षा अधिकारी भास्कर कनोज और सहायक प्रशासन अधिकारी महेंद्र पवार उपस्थित थे।

पढ़ने और वर्तनी को लेकर पूछे गए सवाल

इस संवाद के दौरान, छात्रों से पढ़ने, वर्तनी और सरल गणितीय समस्याओं को हल करने से संबंधित प्रश्न पूछे गए। छात्रों के अध्ययन स्तर का आकलन उनके आत्मविश्वास, समझने की क्षमता और प्रतिक्रिया के आधार पर किया गया। कुछ छात्रों ने अच्छा प्रदर्शन किया, वहीं कुछ क्षेत्रों में सुधार की आवश्यकता भी देखी गई।

मुख्य कार्यकारी अधिकारी ओंकार पवार ने शिक्षकों से भी बातचीत की और शिक्षण विधियों, विद्यार्थियों के पिछड़ने के कारणों और उनसे निपटने के उपायों पर मार्गदर्शन दिया।

100 दिवसीय अभियान बनाया जाएगा सफल

100 दिवसीय पठन अभियान विद्यार्थियों को कुशल बनाने में कारगर साबित हुआ है निपुण महाराष्ट्र मिशन के अंतर्गत, प्रत्येक विद्यार्थी को पठन-पाठन में कुशल बनाना और उनमें पठन के महत्व को आत्मसात कराना अनिवार्य है। जिला परिषद ने 17 दिसंबर 2025 से 31 मार्च 2026 तक 100 दिवसीय पठन अभियान' की पहल शुरू की है। इस पहल के तहत विद्यार्थियों में पठन संस्कृति को बढ़ावा दिया जा रहा है। इसके लिए जिला परिषद द्वारा एक व्हाट्सएप चैनल भी शुरू किया गया है।

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