मकर संक्रांति पर परंपरा व उत्साह का संगम, येवला में पतंग उत्सव बना आकर्षण का केंद्र

Yeola Kite Festival: येवला में मकर संक्रांति पर मनाया जाने वाला तीन दिवसीय पतंग उत्सव आकर्षण का केंद्र रहा। रंग-बिरंगी पतंगों से आसमान ढक गया और बच्चे, युवा व बुजुर्ग पूरे उत्साह में नजर आए।
A blend of tradition and enthusiasm on Makar Sankranti, the kite festival in Yeola becomes a center of attraction.
प्रतीकात्मक तस्वीर ( सोर्स: सोशल मीडिया AI )
Published on: 
Updated on: 

Makar Sankranti Celebration: येवला संक्रांति के अवसर पर येवला में मनाया जाने वाला पतंग उत्सव बेहद आकर्षक होता है। पतंग प्रेमी इस तीन दिवसीय पतंग उत्सव को देखने के लिए दूर-दूर से आते हैं। बच्चों और उनके दोस्तों के साथ-साथ युवा और बुजुर्ग, और महिलाएं भी इस उत्सव में बड़े उत्साह से भाग लेती हैं।

यहां के धड़पद मंच ने येवला की इस परंपरा को और भी समृद्ध किया है। हर साल की तरह इस वर्ष भी मंच ने शहर के मध्य में पतंग उड़ाने का निर्णय लिया है। मकर संक्रांति पर्व का आयोजन लगातार 3 दिनों तक किया जाता है, हर साल इस उत्सव पर लोग पतंग उड़ाने का इंतजार करते हैं येवला के लोग भूख-प्यास भूलकर पतंग उड़ाने में मग्न हो जाते हैं।

इस साल का पतंग उत्सव महज छह दिनों में समाप्त हो गया। 'ऐ बढ़ाओ, ढील दे, वक्त' की धुन पल-पल तेज होती गई और पतंग के मांझे पर लोगों का सबसे अधिक ध्यासन रहता है। रंग बिरंगी पतंगे पूरी तरह से आसमान को ढकने का काम करती है जिसकी वजह से मकर संक्रांति दिन आसमान का नजारा कुछ अलग ही दिखाई देता है। यहां के लोग अभी से इस पतंग उत्सव की तैयारियों में व्यस्त दिखाई देने लगे हैं।

डिजिटल पतंग बनाकर किया जा रहा है प्रदर्शन

येवला स्थित धर्मार्थ संस्था धडप मंच शहर के पारंपरिक त्योहारों को जीवंत रखने और त्योहारों के शुभवातावरण को बनाए रखने के लिए निरंतर प्रयासरत है। मंच के प्रभाकर झालके ने एक सुंदर, विशाल डिजिटल पतंग बनाई है जिसे आकर्षक ढंग से सजाया गया है।

इन पतंगों को शहर के प्रमुख स्थानों, जैसे मेन रोड, तिलक मैदान, फत्तेबुरुज नाका और खंबेकर खुंट पर स्थापित किया गया है। यह आकर्षक और भव्य पतंग राहगीरों का ध्यान आकर्षित कर रही है। इस कार्य में झालके को मयूर परवे, दत्ता कोटमे, गोपी दानी, अनु पावटेकर, गणेश शिंदे, अक्षय परवे, पंकज सांभर, सुभाष निकम आदि का सहयोग प्राप्त हुआ।

Navbharat Live
navbharatlive.com