शरद पवार ने PM पर लगाए गंभीर आरोप, पूछा- उन्हें 400 सीटें क्यों चाहिए थीं? क्या संविधान बदलना था एजेंडा !

रैली के दौरान शरद पवार ने आरोप लगाते हुए कहा कि लोकसभा चुनाव में पीएम मोदी का अलग एजेंडा था जो देश को बर्बाद करने वाला था, क्योंकि वे बाबासाहेब अंबेडकर द्वारा लिखे संविधान को बदलना चाहते थे।
शरद पवार ने PM पर लगाए गंभीर आरोप, पूछा- उन्हें 400 सीटें क्यों चाहिए थीं? संविधान बदलना था एजेंडा !
(फोटो सोर्स सोशल मीडिया)
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नासिक : राज्य में विधानसभा चुनाव के लिए कुछ ही दिन बाकी हैं, जिसे लेकर सभी पार्टियों ने अपने उम्मीदवारों के लिए प्रचार अभियान तेज कर दिया है। इस क्रम में मंगलवार को राष्ट्रवादी शरद गुट के अध्यक्ष शरद पवार ने नासिक में एक चुनावी रैली की। शरद पवार ने कलवण-सुरगाना विधानसभा क्षेत्र में सीपीएम उम्मीदवार जेपी गावित के प्रचार के लिए रैली की। इस दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर जोरदार हमला बोला।

हाल ही में हुए लोकसभा चुनाव में बीजेपी द्वारा 400 सीटें जीतने के नारे को लेकर उन्होंने बीजेपी और पीएम पर कई आरोप लगाए। उन्होंने सवाल करते हुए कहा, ''लोकसभा चुनाव कांग्रेस, राष्ट्रवादी, शिवसेना और माकपा ने मिलकर लड़ा था। पूरे देश में प्रधानमंत्री 400 सीटें जीतने की मांग कर रहे थे, लेकिन मनमोहन सिंह की सरकार 50 प्रतिशत से भी कम सीटों के साथ चली थी। आखिर मोदी सरकार को 400 सीटें क्यों चाहिए?''

शरद पवार ने आरोप लगाते हुए कहा कि यह पीएम मोदी का अलग एजेंडा था जो देश को बर्बाद करने वाला था। उन्होंने कहा, ''बाबासाहेब अंबेडकर द्वारा लिखे गए संविधान में बदलाव करने के लिए 400 सांसदों की मांग की जा रही थी, हमें शक हुआ और हमने इंडिया आघाडी बनाई''।

'PM का एजेंडा संविधान बदलना था'

सभा को संबोधित करते हुए शरद पवार ने कहा कि बाबासाहेब आंबेडकर द्वारा लिखित संविधान को बदलने का खतरा था, जिसे सभी ने पहचाना। नीतीश कुमार और चंद्रबाबू नायडू ने समर्थन दिया और सरकार बनी। उन्होंने कहा, '' मोदी सरकार के नेता और सांसद कह रहे थे कि उन्हें संविधान बदलना है''। उन्होंने आगे कहा कि संविधान की रक्षा करने का काम हमने किया है। उन्होंने लाडली बहन योजना को लेकर भी निशाना साधा और कहा कि वे योजना लाते हैं लेकिन बहिनों की सुरक्षा की जिम्मेदारी नहीं लेते।

प्रतिमा निर्माण में भ्रष्टाचार का लगाया आरोप

रैली के दौरान शरद पवार ने सत्ताधारी दल के लोगों में छत्रपति शिवाजी महाराज के प्रति आस्था पर भी संदेह व्यक्त किया। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा सिंधुदुर्ग में स्थापित की गई मूर्ति के कोसले जाने का उल्लेख करते हुए सवाल किया कि क्या सत्ताधारी दल के लोग वास्तव में शिवाजी महाराज का सम्मान करते हैं या नहीं। शरद पवार ने कहा कि मुंबई में 1960 में स्थापित एक प्रतिमा इतने वर्षों में कभी ध्वस्त नहीं हुई, लेकिन मोदी द्वारा स्थापित एक प्रतिमा केवल आठ महीनों में गिर गई। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रतिमा के निर्माण में भ्रष्टाचार हुआ है और लोगों को उन्हें फिर से चुनने की जरूरत नहीं है। उन्होंने आगे कहा कि महाराष्ट्र देश का नंबर एक राज्य है, लेकिन वर्तमान सरकार ने इसकी स्थिति खराब कर दी है। पवार ने कहा कि वे महाराष्ट्र को फिर से नंबर एक बनाने के लिए काम करेंगे।

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