

Chandrapur Standing Committee News: चंद्रपुर मनपा स्थायीसमिति सभापति के लिए सोमवार को हुए चुनाव में शिवसेना (ठाकरे) की मनस्वी गिरहे निर्वाचित रही। मनस्वी ने ईश्वरचिट्ठी के जरिये हुए चुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी वसंता देशमुख को पराजित किया। मनस्वी इस चुनाव में मनपा में सत्तारूढ़ भाजपा गठबंधन की ओर से मैदान में थी। उल्लेखनीय है कि, स्थायी समिति में कुल 16 सदस्य है, जिनमें भाजपा गठबंधन के पास 8 सदस्य थे जबकि कांग्रेस गठबंधन के पास भी 8 ही सदस्य थे, जिससे यह चुनाव रोचक बना हुआ था। स्थायी समिति के सभी 16 सदस्यों की चुनाव के दौरान उपस्थिति रही तो यह चुनाव ईश्वरचिट्ठी के जरिये होगा यह शुरू से तय माना जा रहा था।
सुबह 11 बजे मनपा सभागार में चुनाव निर्णय अधिकारी तथा जिलाधिकारी विनय गौड़ा की मौजूदगी में चुनाव प्रक्रिया शुरू हुई। इस चुनाव के लिए दो दिन पूर्व ही पूर्ण की जा चुकी नामांकन प्रक्रिया के दौरान भाजपा गठबंधन की तरफ से उबाठा की मनस्वी गिरहे तथा कांग्रेस, जनविकास आघाडी तथा अन्य दलों के गठबंधन की ओर से वसंता देशमुख ने नामांकन दाखिल किए थे। प्रत्याशियों को नामांकन वापसी के लिए मौका दिया, किंतु चुनाव में दोनों प्रत्याशी चुनाव निर्णय अधिकारी ने शुरुआत में डटे रहे। सदस्यों को दोनों प्रत्याशियों के नाम पर हाथ उठाकर मतदान करना था। बारी बारी से दोनों प्रत्याशियों के नाम पुकारे गए और दोनों को भी एक समान आठ-आठ वोट हासिल हुए, जिससे चुनाव परिणाम के लिए ईश्वरचिट्ठी की सहायता ली गयी, जिसमें मनस्वी गिरहे निर्वाचित रही।
गौरतलब है कि, मनपा स्थायी समिति चुनाव में शिवसेना (ठाकरे) और कांग्रेस पुनः आमने सामने आ गए थे। इससे पहले मनपा में मेयर तथा डिप्टी मेयर के चुनाव में भी उबाठा ने भाजपा की मदद से कांग्रेस के खिलाफ चुनाव लड़ते हुए कांग्रेस प्रत्याशी को पराजित किया था। स्थायी समिति सभापति चुनाव में भी यही सिलसिला कायम रखते हुए उबाठा ने कांग्रेस के खिलाफ लड़कर कांग्रेस को मात दी।
स्थायी समिति सभापति पद के चुनाव में जीत दर्ज कर अब इस चंद्रपुर मनपा के सभी महत्वपूर्ण पदों पर भाजपा गठबंधन ने कब्जा जमाया है। इस मनपा में मेयर पद पर भाजपा की संगीता खांडेकर, डिप्टी मेयर पद पर भाजपा का साथ देने वाले उबाठा के प्रशांत दानव तथा अब स्थायी समिति सभापति पद पर भी भाजपा गठबंधन के सहयोगी दल उबाठा की मनस्वी गिरहे सत्तासीन हो चुकी है। तीनों पद किसी भी मनपा में सबसे महत्वपूर्ण माने जाते है। कुलमिलाकर इस मनपा में सत्ता की चाबी अब पूर्णतः भाजपा गठबंधन के हाथ लगी है।
मनपा चुनाव के शुरुआती दौर से वरिष्ठ नेताओं के आपसी अंतर्कलह में फंसी कांग्रेस को इस मनपा में सर्वाधिक सीटें जीतने के बावजूद कुछ भी हाथ नहीं लगा है। कांग्रेसी सांसद प्रतिभा धानोरकर और कांग्रेसी विधायक विजय वडेट्टीवार के बीच जारी इस अंतर्कलह के चलते मनपा में कांग्रेस को कोई भी महत्वपूर्ण पद प्राप्त नहीं हो सका है।