शिंदे के कारण बच्चू कडू ने वापस लिया आंदोलन! डिप्टी सीएम ने किया दावा, बोले- पहले मैंने राठौड़...

महाराष्ट्र में किसानों के हित के लिए आंदोलन कर रहे प्रहार संगठन के नेता बच्चू कडू ने सरकार के लिखित आश्वासन के बाद आंदोलन वापस ले लिया है। इस दौरान एकनाथ शिंदे ने ये दावा किया है कि कडू ने उनके कहने पर फैसला लिया है।
महाराष्ट्र में किसानों के हित के लिए आंदोलन कर रहे प्रहार संगठन के नेता बच्चू कडू ने सरकार के लिखित आश्वासन के बाद आंदोलन वापस ले लिया है। इस दौरान एकनाथ शिंदे ने ये दावा किया है कि कडू ने उनके कहने पर फैसला लिया है।
बच्चू कडू के आंदोलन पर एकनाथ शिंदे (सौजन्य-सोशल मीडिया)
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सतारा: प्रहार संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष पूर्व मंत्री बच्चू कडू ने किसानों व दिव्यांगों की विविध मांगों को लेकर जारी आंदोलन को सातवें दिन सरकार द्वारा लिखित आश्वासन मिलने के पश्चात समाप्त किया था। उन्होंने एक 75 वर्षीय महिला तथा एक दिव्यांग कार्यकर्ता के हाथों से नींबू पानी पीकर आंदोलन को समाप्त करने की घोषणा की थी। इस समय वहां उद्योग मंत्री उदय सावंत भी मौजूद थे।

बच्चू कडू ने कैसे अपना आंदोलन वापस लिया, इस बारे में उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने बताया कि कुछ दिन पहले मैंने उनसे संपर्क कर मंत्री संजय राठोड को भी कडू से मिलने भेजा गया था, लेकिन उस समय उन्हें सफलता नहीं मिली। फिर हमने सामंत को वहां भेजा। और कहा कि यह सरकार हमेशा किसानों के साथ खड़ी है, किसान हमारे लिए मायबाप हैं, और हमें उनके साथ खड़ा रहना चाहिए।

एकनाथ शिंदे ने किया दावा

इसके बाद उन्होंने आंदोलन स्थगित कर दिया। ऐसा दावा उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने किया। एकनाथ शिंदे ने यह भी बताया कि उनके मुख्यमंत्री बनने के बाद से पिछले दो वर्षों में 45 हजार करोड़ रुपये किसानों के लिए विभिन्न योजनाओं के माध्यम से दिए गए हैं। और यह योजनाएं आगे भी जारी रहेंगी। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के मार्गदर्शन में हम तेजी से निर्णय ले रहे हैं।

कर्ज माफी पर 15 दिनों में समिति

किसान कर्ज माफी के मुद्दे पर अब पंद्रह दिनों में एक समिति गठित की जाएगी और समिति की रिपोर्ट आने के बाद कर्ज माफी पर निर्णय लिया जाएगा। नए कर्ज देने या लिए गए कर्ज के पुनर्गठन के संदर्भ में भी इस बैठक में मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में निर्णय लिया जाएगा।

आंदोलन वापस लेने के बाद बच्चू कडू ने सरकार एवं प्रशासन के सकारात्मक रवैये के लिए आभार माना था, लेकिन यदि उनकी मांगे पूरी नहीं हुई तो 2 अक्टूबर से दोबारा आंदोलन शुरू करने की चेतावनी के साथ, उसी दिन भगत सिंह गिरी करते हुए मंत्रालय में घुसने की बात की थी। आंदोलन समाप्त करने की घोषणा के साथी उनके कार्यकर्ताओं ने जोरदार घोषणा बाजी कर खुशी के साथ जल्लोष व्यक्त किया।

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