महिलाओं ने किया अथर्वशीर्ष पाठ (सौजन्यः सोशल मीडिया)
Pune News: ॐ गं गणपतये नमः…ॐ नमस्ते गणपतये… मोरया, मोरया…के जयघोष से 35 हजार से अधिक महिलाओं ने एक साथ अथर्वशीर्ष का पाठ कर भगवान गणेश को नमन किया। ऋषि पंचमी के अवसर पर आयोजित इस समारोह में उमड़ी हजारों महिलाओं की भीड़ ने एक नए ऊर्जा स्तर को दर्शाया। अथर्वशीर्ष के साथ-साथ महाआरती और गणपति का जयघोष करते हुए महिलाओं ने स्त्री शक्ति का अद्भुत प्रदर्शन किया। यह अवसर श्रीमंत दगडूशेठ हलवाई सार्वजनिक गणपति ट्रस्ट और सुवर्णयुग तरुण मंडल द्वारा आयोजित 133वें गणेशोत्सव का था।
इस दौरान सांसद सुनेत्रा पवार, पुणे विभाग की धर्मादाय सह-आयुक्त रजनी क्षीरसागर, न्यायाधीश किरण क्षीरसागर, प्रसेनजीत फडणवीस,ट्रस्ट के अध्यक्ष सुनील रासने सहित कई प्रमुख व्यक्ति उपस्थित थे। बारिश के बावजूद, महिलाएं आधी रात 2 बजे से ही पारंपरिक पोशाक में इस 40वें वार्षिक आयोजन में भाग लेने के लिए जुटना शुरू हो गई थीं।
कार्यक्रम की शुरुआत महिलाओं द्वारा शंखनाद के साथ हुई। इसके बाद, मन को शांत करने वाले ओंकार जाप और गणेश गीत ‘गजानना गजानना मंगलमूर्ती गजानना’ ने पूरे वातावरण को मंत्रमुग्ध कर दिया। जब महिलाओं ने मुख्य अथर्वशीर्ष का पाठ किया, तो हर चेहरे पर गणपति के नाम का उत्साह और भक्ति साफ दिख रही थी। दगडूशेठ उत्सव मंडप से नाना वाडा तक का पूरा क्षेत्र अथर्वशीर्ष पाठ के लिए महिलाओं से भर गया था।
भक्ति रस में डूबे इस कार्यक्रम का समापन आरती के साथ हुआ, जिसमें महिलाएं हाथ उठाकर और तालियां बजाकर गणपति को नमन कर रही थीं। सांसद सुनेत्रा पवार ने कहा कि इस आयोजन में न केवल महाराष्ट्र बल्कि पूरे भारत और विदेशों से भी बड़ी संख्या में महिलाएं शामिल हुई हैं। उन्होंने गणपति से प्रार्थना की कि उनके आशीर्वाद से सभी के लिए यह साल स्वास्थ्य, प्रगति और समृद्धि से भरा रहे।
ये भी पढ़े: एक्सपायरी माल की धड़ल्ले से बिक्री, वसमत के नागरिकों का स्वास्थ्य खतरे में, अधिकारियों की अनदेखी
पुणे के गणेशोत्सव और श्रीमंत दगडूशेठ हलवाई गणपति की ख्याति केवल भारत में ही नहीं, बल्कि पूरी दुनिया में है। यही कारण है कि इस साल अथर्वशीर्ष पाठ में इटली की अभिनेत्री एना मारा ने भी भाग लिया। उन्होंने न केवल गणपति के दर्शन किए, बल्कि इस आध्यात्मिक आयोजन का भी हिस्सा बनीं। इससे पहले बुधवार 27 अगस्त को दगडूशेठ’ गणपति के सामने श्री पद्मनाभ स्वामी मंदिर की विद्युत रोशनी का उद्घाटन हुआ।
दरअसल मंडल द्वारा इस साल केरल के श्री पद्मनाभ स्वामी मंदिर की एक शानदार प्रतिकृति बनाई गई है। श्री गणेश चतुर्थी पर इस मंदिर पर लगी विद्युत रोशनी का उद्घाटन राज्य मंत्री माधुरी मिसाल के हाथों हुआ। केरल की राजधानी तिरुवनंतपुरम में स्थित भगवान विष्णु को समर्पित पद्मनाभस्वामी मंदिर, श्री वैष्णव परंपरा के 108 दिव्य देसमों में से एक माना जाता है।
🌸उत्सव दिवस दुसरा🌸
🙏🏻 सामुदायिक अथर्वशीर्ष पठण🙏🏻
माता भगिनींचे सामुदायिक अथर्वशीर्ष पठण सकाळी ६.०० वा. संपन्न झाले, यावेळी माता भगिनींचे शंखनाद, प्राणायाम, अथर्वशीर्ष पठण आणि गणेशाची महाआरती संपन्न झाली.
.
.
.
.
.
.
.#shrimant #shrimantdagdusheth #dagdusheth pic.twitter.com/qfrShhrv9r— Shrimant Dagdusheth Ganpati (@DagdushethG) August 28, 2025
इस अत्यंत पवित्र मंदिर की एक भव्य प्रतिकृति इस साल के गणेशोत्सव में तैयार की गई है, जिसे आकर्षक विद्युत रोशनी से सजाया गया है। प्रतिकृति में पांच स्तरों वाला एक गोपुरम है, जिसमें कृष्ण लीला, रामायण, सप्त ऋषि, घोड़े, हाथी और सिंह की आकृतियां बनाई गई हैं। गर्भगृह में विष्णु-लक्ष्मी, शिव-पार्वती, श्री कृष्ण और नृसिंह की मूर्तियां स्थापित हैं। मुख्य मंडप के ऊपर के अष्टकोणीय भाग में भगवान पद्मनाभस्वामी की भव्य निद्रित प्रतिमा (मूर्ति) स्थापित की गई है।