
अजित पवार (सौजन्य-एक्स)
पुणे: महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार ने शुक्रवार को मतदान प्रक्रिया पर संदेह जताने के लिए विपक्ष की आलोचना की। उनकी यह टिप्पणी कांग्रेस नेता राहुल गांधी द्वारा महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में अनियमितताओं का आरोप लगाने की पृष्ठभूमि में आई है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेतृत्व वाली ‘महायुति’ ने महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव जीता है।
दिल्ली में एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए राहुल गांधी ने दावा किया कि महाराष्ट्र में जोड़े गए नए मतदाताओं की कुल संख्या हिमाचल प्रदेश जैसे राज्य की जनसंख्या के बराबर है। उन्होंने चुनाव आयोग से मतदाताओं की सूची उपलब्ध कराने और इस मुद्दे पर स्थिति स्पष्ट करने का आग्रह किया।
‘महायुति’ ने 288 सदस्यीय विधानसभा में 230 सीटें जीतीं जबकि भाजपा अकेले 132 सीटों के साथ बहुमत के करीब पहुंच गई। ‘महायुति’ में भाजपा, शिवसेना और अजित पवार की राकांपा शामिल हैं। अजित ने संवाददाताओं से कहा, ”उन्हें (विपक्ष को) तथ्यों की जांच के लिए अपनी टीम तैनात करनी चाहिए। उन्हें सत्यापन का अधिकार है। वे कल दिल्ली चुनाव के नतीजों के बाद भी इसी तरह के बहाने बनाएंगे। लोकतंत्र में मतदाता ही सबकुछ होते हैं, लेकिन कुछ लोग सिर्फ गलत सूचना फैलाते हैं। वे पार्टी कार्यकर्ताओं का मनोबल बढ़ाने के लिए इस तरह के आरोप लगाते हैं।”
महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) प्रमुख राज ठाकरे ने जब महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव और उसके एकतरफा नतीजों को लेकर इसी तरह के आरोप लगाए तो पवार ने महानगर के माहिम से उनके बेटे अमित ठाकरे की हार को लेकर उन पर कटाक्ष किया। पवार ने कहा, ”आप अपने बेटे को भी निर्वाचित नहीं करा सके और आप हमारे (महायुति) बारे में बात कर रहे हैं। हमें (सत्तारूढ़ गठबंधन को) लोकसभा चुनाव में केवल 17 सीटें मिलीं, लेकिन हम बैठकर रोए नहीं। हमने कड़ी मेहनत की और विधानसभा चुनाव के लिए हर संभव प्रयास किया।”
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राकांपा प्रमुख ने कहा कि उनके बेटे (पार्थ पवार) और पत्नी (सुनेत्रा पवार) लोकसभा चुनाव में हार गए, लेकिन उन्होंने ईवीएम को दोष नहीं दिया। पार्थ पवार 2019 के लोकसभा चुनाव में मावल से हार गए थे, जबकि सुनेत्रा पवार 2024 में बारामती से मौजूदा सांसद सुप्रिया सुले से हार गई थीं। सामाजिक कार्यकर्ता अंजलि दमानिया द्वारा उनकी पार्टी के सहयोगी और मंत्री धनंजय मुंडे के खिलाफ लगाए गए आरोपों के बारे में पूछे जाने पर उपमुख्यमंत्री ने कहा कि जब तक तथ्य सामने नहीं आ जाते, तब तक टिप्पणी करना उचित नहीं होगा। (एजेंसी इनपुट के साथ)






