Pune ST डिपो प्रबंधकों पर गिरेगी गाज, किराया बढ़ा, यात्री बढ़े फिर भी कमाई घटी

Maharashtra News: किराया बढ़ने और यात्रियों की संख्या में इजाफे के बावजूद पुणे एसटी डिपो की आय में सुधार नहीं हो पाया है। रोज़ाना एक लाख से कम कमाई वाले डिपो प्रबंधकों पर कार्रवाई की तैयारी है।
MSRTC New Rules 2026 ST Bus Breakdown Policy Free Travel in Shivneri
एसटी बस (सौजन्य-सोशल मीडिया)
Published on: 
Updated on: 

Pune News In Hindi: महाराष्ट्र राज्य सड़क परिवहन निगम (एसटी) इन दिनों एक अजीबोगरीब आर्थिक संकट से जूझ रहा है। हाल ही में किराए में वृद्धि और बसों में यात्रियों की संख्या बढ़ने के बावजूद निगम की आय में अपेक्षित सुधार नहीं हो पा रहा है।

इस गंभीर विसंगति को देखते हुए एसटी मुख्यालय ने अब सख्त रुख अपनाया है। पुणे विभाग के जिन डिपो की दैनिक औसत आय एक लाख रुपये से कम दर्ज की गई है, वहां के डिपो प्रबंधकों और वरिष्ठ अधिकारियों पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की तलवार लटक रही है।

एसटी प्रशासन का मानना है कि जब किराया बढ़ा है और यात्रियों की संख्या भी बढ़ी है, तो राजस्व में गिरावट क्यों आ रही है? इसका जवाब संबंधित अधिकारियों को देना होगा।

खर्च बढ़ा, लेकिन आय का संतुलन बिगड़ा

निगम ने डीजल की बढ़ती कीमतों और बसों के रखरखाव पर आने वाले खर्च को कवर करने के उद्देश्य से किराया बढ़ाया था। इसके साथ ही राज्य सरकार की मुफ्त और रियायती योजनाओं के चलते महिलाओं और वरिष्ठ नागरिक यात्रियों की संख्या में भी भारी इजाफा हुआ है। इसके बावजूद आय और खर्च का संतुलन नहीं बन पा रहा है।

जांच में सामने आए ये कारण

मुख्यालय स्तर पर की गई जांच में कई वजहें सामने आई हैं। इनमें अवैध निजी यात्री परिवहन का बढ़ता प्रभाव, खराब मैनेजमेंट, पुरानी बसों का बार-बार खराब होना और चालक-परिचालकों के बीच समन्वय की कमी प्रमुख हैं। इन कारणों से कई फेरियां रद्द हो जाती हैं, जिससे सीधे तौर पर राजस्व प्रभावित हो रहा है।

अंतिम चेतावनी, नहीं सुधरे तो कड़ी कार्रवाई

पुणे विभाग नियंत्रक अरुण सिया ने स्पष्ट किया कि एसटी की आय बढ़ाने के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। जिन डिपो का प्रदर्शन लगातार कमजोर बना हुआ है, उन्हें सुधार के लिए अंतिम चेतावनी दी गई है। लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

Navbharat Live
navbharatlive.com