Pune Solar Powered Charging( Source: Social Media )
Pune Solar Powered Charging: पुणे बढ़ते प्रदूषण पर अंकुश लगाने और इलेक्ट्रिक वाहनों (ईवी) को बढ़ावा देने के लिए पुणे जिला परिषद ने इस वित्तीय वर्ष में जिले को ‘अक्षय ऊर्जा हब’ के रूप में विकसित करने का निर्णय लिया है।
इसके तहत जिले भर में आधुनिक इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग स्टेशन स्थापित किए जाएंगे, जो केवल चार्जिंग पॉइंट तक सीमित न रहकर अक्षय ऊर्जा मॉडल केंद्र’ के रूप में कार्य करेंगे।
यह पहल जिले को टिकाऊ और स्वच्छ ऊर्जा के उपयोग में एक ‘रोल मॉडल’ के रूप में स्थापित करेगी, जिला परिषद की इस योजना की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इन केंद्रों पर वाहनों को चार्ज करने के लिए लगने वाली बिजली पारंपरिक ग्रिड के बजाय सौर ऊर्जा और बायोगैस से पर्यावरण अनुकूल स्रोतों से पैदा की जाएगी।
इससे न केवल पारंपरिक बिजली पर निर्भरता कम होगी, बल्कि ऊर्जा की भारी बचत भी होगी। दिन के समय सौर पैनलों के माध्यम से बिजली का उत्पादन किया जाएगा, जिससे पर्यावरण संरक्षण को नई दिशा मिलेगी।
इन मॉडल केंद्रों को स्थापित करने के लिए जिला परिषद प्रशासन ने जिले के प्रमुख राजमार्गों, तेजी से विकसित हो रहे शहरी क्षेत्रों और अधिक आवाजाही वाले ग्रामीण ठिकानों का चयन करने की योजना बनाई है।
रणनीतिक रूप से इन स्थानों का चुनाव करने का मुख्य उद्देश्य ई-वाहन को सुलभऔर तीव्र चार्जिंग सुविधा प्रदान करना है, जिससे आम नागरिकों के बीच इलेक्ट्रिक वाहनों के उपयोग के प्रति विश्वास बढ़ेगा। इससे शहर का प्रदूषण कम होगा और लोगों को प्रदूषण से राहत मिलेगी।
पुणे जिला परिषद ने बजट में अक्षय ऊर्जा और ई-वाहन बुनियादी ढांचे पर विशेष जोर दिया है। पहले चरण में प्रायोगिक तौर पर दो मॉडल चार्जिंग स्टेशन प्रस्तावित हैं, जहां बायोगैस और सौर ऊर्जा से निरंतर बिजली मिलेगी।
इस महत्वाकांक्षी परियोजना से ग्रामीण व अर्ध-शहरी क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। स्थानीय युवाओं को रखरखाव, संचालन और प्रशिक्षण गतिविधियों के माध्यम से नई तकनीकों के साथ काम करने का मौका मिलेगा, जो जिले के आर्थिक और पर्यावरणीय विकास के लिए वरदान साबित होगा।
यह केंद्र केवल तकनीकी संरचना मात्र नहीं होंगे, बल्कि इन्हें ‘प्रात्यक्षिक केंद्र’ के रूप में विकसित किया जाएगा। यहां स्थानीय नागरिकों, बचत गुटों और विशेषकर विद्यार्थियों के लिए अक्षय ऊर्जा के विषय में जागरूकता अभियान चलाए जाएंगे।
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छात्रों को ऊर्जा प्रबंधन, सौर तकनीक और बायोगैस संयंत्रों के संचालन का प्रत्यक्ष प्रशिक्षण लेने का अवसर मिलेगा, जो उनके भविष्य के लिए लाभकारी होगा।