NEET Paper Leak: लातूर के नामी डॉक्टर CBI की रडार पर, मोटेगावकर के ठिकानों पर फिर छापेमारी
NEET Paper Leak Case में लातूर से बड़ी खबर! CBI की रडार पर आए शहर के पांचवें प्रसिद्ध डॉक्टर। शिवराज मोटेगावकर के ठिकानों पर फिर छापेमारी और आर्थिक लेन-देन की जांच शुरू। पढ़ें पूरी अपडेट।
- Written By: गोरक्ष पोफली
सांकेतिक फोटो (सोर्स: सोशल मीडिया)
NEET Paper Case Update: नीट पेपर लीक मामले की जांच कर रही केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) की टीम ने महाराष्ट्र के लातूर में अपनी कार्रवाई तेज कर दी है। इस मामले में अब एक बड़ा खुलासा सामने आया है, जहां शहर के एक और प्रसिद्ध डॉक्टर जांच एजेंसी की रडार पर आ गए हैं। लातूर से अब तक कुल पांच डॉक्टरों के नाम इस विवाद में जुड़ चुके हैं, जिससे जिले के चिकित्सा और शिक्षा जगत में हड़कंप मच गया है।
IVF विशेषज्ञ डॉक्टर से पूछताछ जारी
ताजा अपडेट के अनुसार, लातूर के एक बेहद चर्चित प्रसूति रोग और आईवीएफ विशेषज्ञ डॉक्टर को सीबीआई ने हिरासत में लिया है। जांच टीम ने औसा रोड स्थित उनके अस्पताल और क्लिनिक पर छापा मारा और घंटों तक दस्तावेजों की पड़ताल की। इसके बाद, संबंधित डॉक्टर को सीबीआई के अस्थायी कार्यालय ले जाया गया है, जहां उनसे कड़ी पूछताछ की जा रही है।
इससे पहले सीबीआई डॉ. मनोज शिरुरे सहित दो बाल रोग विशेषज्ञों और उनके रिश्तेदारों से भी पूछताछ कर चुकी है। यह पांचवें ऐसे डॉक्टर हैं जिनसे पेपर लीक की कड़ियों को जोड़ने के लिए सवाल-जवाब किए जा रहे हैं।
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मोटेगावकर के ठिकानों पर दोबारा दबिश
पेपर लीक मामले में मुख्य संदिग्धों में से एक, शिवराज मोटेगावकर के निजी कोचिंग क्लासेस पर सीबीआई की टीम एक बार फिर पहुंची है। जांच एजेंसी को संदेह है कि पेपर लीक के इस पूरे खेल में आर्थिक लेन-देन की एक बड़ी चेन शामिल है। सीबीआई मोटेगावकर के क्लासेस के वित्तीय रिकॉर्ड्स और बैंक खातों की बारीकी से जांच कर रही है।
जांच टीम इस बात का पता लगा रही है कि मोटेगावकर के परिवार के सदस्यों या रिश्तेदारों का इस रैकेट में कितना हाथ था। क्या पैसों के निवेश और लेन-देन में उनकी भी कोई भूमिका थी? एजेंसी को शक है कि परीक्षा में धांधली के लिए वसूले गए करोड़ों रुपये अलग-अलग व्यवसायों में निवेश किए गए हैं।
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छात्रों और हॉस्टलों तक पहुँची जांच की आंच
सीबीआई की टीम केवल डॉक्टरों और क्लास संचालकों तक ही सीमित नहीं रही। शनिवार को टीम ने शहर के विभिन्न हिस्सों में जाकर जानकारी जुटाई। कुछ निजी हॉस्टलों में जाकर छात्रों से भी बातचीत की गई है। सीबीआई यह समझने की कोशिश कर रही है कि छात्रों के बीच यह पेपर कैसे पहुँचा और इसके पीछे असली मास्टरमाइंड कौन है।
लातूर जो अपनी लातूर पैटर्न शिक्षा पद्धति के लिए देश भर में मशहूर है, वहां इस तरह के बड़े रैकेट का खुलासा होना गंभीर चिंता का विषय बना हुआ है। आने वाले दिनों में कुछ और बड़ी गिरफ्तारियों की संभावना जताई जा रही है।
