सिर्फ 60 मिनट में हटेगी पोस्ट! पेट्रोल-डीजल की अफवाहों पर सरकार का एक्शन, सोशल मीडिया कंपनियों को अल्टीमेटम

ईंधन की अफवाहों पर सरकार सख्त; सोशल मीडिया से भ्रामक कंटेंट हटाने की समय सीमा 3 घंटे से घटाकर 1 घंटा करने की तैयारी। आईटी नियमों में बड़े बदलाव और मॉनिटरिंग बढ़ाने पर विचार।
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सिर्फ 60 मिनट में हटेगी पोस्ट! पेट्रोल-डीजल की अफवाहों पर सरकार का एक्शन, सोशल मीडिया कंपनियों को अल्टीमेटम
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IT Act Amendment: मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के बीच पेट्रोल, डीजल और एलपीजी जैसे ऊर्जा संसाधनों को लेकर फैल रही अफवाहों पर सरकार पूरी तरह सतर्क हो गई है। इन अफवाहों पर रोक लगाने के लिए सरकार सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के खिलाफ सख्त कदम उठाने की तैयारी में है।

सरकार अब आपत्तिजनक और भ्रामक कंटेंट हटाने की समय सीमा घटाकर 3 घंटे से 1 घंटा करने पर विचार कर रही है। ऊर्जा आपूर्ति को लेकर तेजी से फैल रही अफवाहों को देखते हुए यह फैसला लिया जा रहा है। कंपनियों के साथ अंतिम चर्चा के बाद इस संबंध में आधिकारिक निर्देश जारी किए जाएंगे।

पहले भी हुए थे बदलाव

इससे पहले फरवरी में IT मंत्रालय ने सूचना प्रौद्योगिकी (मध्यवर्ती दिशानिर्देश और डिजिटल मीडिया आचार संहिता) नियम, 2021 में संशोधन का नोटिफिकेशन जारी किया था। इन बदलावों के तहत सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को कंटेंट हटाने की समय सीमा पहले के 24-36 घंटे से घटाकर 2-3 घंटे कर दी गई थी।

अन्य मामलों में भी सख्ती की तैयारी

सरकार सोशल मीडिया कंटेंट मॉनिटरिंग को और मजबूत करने की दिशा में भी काम कर रही है। इसमें ‘अश्लील’ कंटेंट की नई परिभाषा तय करना और कुछ नए ‘नो-गो’ (वर्जित) क्षेत्रों को शामिल करने की योजना है। साथ ही आईटी अधिनियम की धारा 79 (3)(b) के तहत कंटेंट ब्लॉक करने की प्रक्रिया को और व्यापक बनाने की तैयारी है। वर्तमान में इसका प्रबंधन गृह मंत्रालय के ‘सहयोग’ पोर्टल के जरिए किया जाता है।

सरकार का कहना है कि ये कदम केवल अवैध और भ्रामक कंटेंट पर कार्रवाई के लिए हैं। अधिकारियों के मुताबिक, यूजर्स से मिले फीडबैक में यह सामने आया था कि पहले की समय सीमा काफी लंबी थी और इससे वायरल हो रहे कंटेंट को समय पर रोकना मुश्किल हो जाता था। अब उम्मीद की जा रही है कि नई समय सीमा से अफवाहों पर तेजी से नियंत्रण पाया जा सकेगा।

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