Pune में बड़ा निर्णय, भीमाशंकर मंदिर 31 मई तक बंद; विकास कार्यों के लिए फैसला

Pune District Administration: भीमाशंकर मंदिर 9 अप्रैल से 31 मई तक विकास कार्यों के कारण बंद। नए सभामंडप के निर्माण व सुरक्षा कारणों से यह निर्णय लिया गया है।
Major Decision in Pune: Bhimashankar Temple Closed Until May 31; Move Taken for Development Works
Pune Bhimashankar Temple Closed ( Source: Social Media )
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Pune Bhimashankar Temple Closed: पुणे जिला प्रशासन ने प्रसिद्ध तीर्थ स्थल भीमाशंकर मंदिर के कायाकल्प और श्रद्धालुओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। जिलाधिकारी एवं जिला दंडाधिकारी जितेंद्र डूडी द्वारा दी गई आधिकारिक जानकारी के अनुसार, ज्योतिर्लिंग श्री क्षेत्र भीमाशंकर मंदिर 9 अप्रैल से 31 मई तक श्रद्धालुओं के नियमित दर्शन के लिए पूरी तरह बंद रहेगा।

इस निर्णय का मुख्य कारण मंदिर परिसर में भव्य सभामंडप का निर्माण और व्यापक विकास कार्य है। प्रशासन का लक्ष्य मानसून की शुरुआत से पहले इन निर्माण कार्यों को सुरक्षित स्थिति में पहुंचाना है ताकि भविष्य में आने वाले लाखों श्रद्धालुओं को किसी भी असुविधा का सामना न करना पड़े। इस बड़े बदलाव की पृष्ठभूमि वर्ष 2027 में नाशिक में आयोजित होने वाले सिंहस्थ कुंभ मेले से जुड़ी है।

प्रयागराज महाकुंभ 2025 के अनुभवों को देखते हुए यह अनुमान है कि कुंभ के दौरान त्र्यंबकेश्वर आने वाले श्रद्धालुओं का एक बड़ा हिस्सा भीमाशंकर दर्शन के लिए भी उमड़ेगा।

वर्तमान में मंदिर का पुराना सभामंडप इतनी बड़ी भीड़ संभालने के लिए पर्याप्त नहीं था, जिसे हटाकर अब विशाल सभामंडप बनाया जा रहा है। निर्माण कार्य में भारी पत्थरों और बड़ी मशीनों का उपयोग हो रहा है।

मंदिर की कठिन भौगोलिक स्थिति को देखते हुए, निर्माण और श्रद्धालुओं का आवागमन एक साथ जारी रखना सुरक्षा की दृष्टि से जोखिमपूर्ण हो सकता है।

नाशिक में अगले साल आयोजित होगा सिंहस्थ कुंभ

वर्तमान में सभामंडप का लगभग 75 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है और अब गुंबद के हिस्से पर काम चल रहा है। साथ ही मुख्य सीढ़ी मार्ग का कार्य भी प्रगति पर है, जिसके कारण प्रवेश मार्ग पूरी तरह बंद है, भीमाशंकर अत्यधिक वर्षा वाला क्षेत्र है, जहां जून से ही भारी बारिश शुरू हो जाती है।

यदि मानसून से पहले कार्य पूर्ण नहीं हुआ, तो काम रुकने के साथ-साथ खतरा भी बढ़ सकता है। इन्हीं तकनीकी कारणों से जिलाधिकारी ने श्रद्धालुओं से इस अवधि में प्रशासन का सहयोग करने की अपील की है ताकि भविष्य में मंदिर नए और भव्य स्वरूप में भक्तों का स्वागत कर सके।

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