पुणे में पानी को लेकर बढ़ा विवाद, जल संसाधन विभाग की चेतावनी पर मनपा का कड़ा जवाब

Water Supply In Pune: पुणे में जल आपूर्ति को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है। जल संसाधन विभाग की चेतावनी पर मनपा ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा है कि औद्योगिक दर से टैक्स वसूली गलत है।
Mumbai Water Cut BMC Water Supply Crisis
मुंबई में पानी की आपूर्ति बाधित (सोर्सः सोशल मीडिया)
Published on
Updated on

Pune PMC Water Supply: पुणे शहर की जलापूर्ति बंद करने को लेकर जल संसाधन विभाग द्वारा दी गई चेतावनी पर पुणे महानगर पालिका (पीएमसी) ने कड़ा रुख अपनाया है।

पुणे मनपा प्रशासन ने इस धमकी को पूरी तरह से 'गलत' करार देते हुए स्पष्ट किया है कि वह किसी भी प्रकार की बकाया राशि के दबाव में नहीं झुकेगी।प्रशासन का तर्क है कि शहर में पानी का कोई औद्योगिक उपयोग नहीं किया जा रहा है, इसके बावजूद विभाग द्वारा औद्योगिक दरों पर टैक्स वसूला जा रहा है जो कि अनुचित है।

मनपा प्रशासन ने यह भी दावा किया है कि जल संसाधन विभाग के पास उनके लगभग 411 करोड़ रुपये अतिरिक्त जमा हैं, जिसे समायोजित किया जाना चाहिए।

पानी के कोटे और टैक्स की दरों पर घमासान

  • यह विवाद नया नहीं है, बल्कि पिछले कई वर्षों से पानी के कोटे और टैक्स की दरों को लेकर दोनों विभागों के बीच खींचतान जारी है। पिछले महीने जल संसाधन विभाग ने मनपा को 953 करोड़ रुपये के बकाया भुगतान का नोटिस थमाया था।
  • विभाग का कहना है कि मनपा हर महीने केवल 10 करोड़ रुपये ही टैक्स जमा कर रही है। आंकड़ों के इस खेल में पानी के कोटे को लेकर भी भारी विसंगति है। जहां राज्य सरकार ने शहर के लिए 16।36 टीएमसी पानी तय किया है, वहीं विभाग के नोटिस में मात्र 11.60 टीएमसी का जिक्र है।
  • पुणे की बढ़ती आबादी और जरूरतों को देखते हुए मनपा ने 21.03 टीएमसी पानी की मांग की है। हर साल विभाग द्वारा आपूर्ति ठप करने की चेतावनी दी जाती है, जिस पर मनपा राज्य सरकार को पत्र लिखती है, लेकिन इस गंभीर समस्या का अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं निकल सका है।
Navbharat Live: Hindi News
navbharatlive.com