वन-टू-वन बैठक, 8 दिन का अल्टीमेटम, अजित पवार ने पुणे मनपा चुनाव में झोंकी पूरी ताकत

Ajit Pawar News: पुणे मनपा चुनाव में सत्ता परिवर्तन के लिए एनसीपी ने कमर कस ली है। उपमुख्यमंत्री अजित पवार ने खुद कमान संभालते हुए उम्मीदवारों से वन-टू-वन संवाद कर जीत का मंत्र दिया।
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अजित पवार (सोर्स: सोशल मीडिया)
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Pune Municipal Corporation Election: लंबे समय तक भारतीय जनता पार्टी के नियंत्रण में रही पुणे महानगर पालिका (PMC) की सत्ता हथियाने के लिए राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी ने अपनी बिसात बिछा दी है। उपमुख्यमंत्री अजित पवार ने खुद इस चुनावी कमान को अपने हाथों में ले लिया है। आगामी 15 जनवरी को होने वाले मतदान से पहले, पवार ने पुणे में डेरा डाल दिया है और उम्मीदवारों के साथ सीधे संवाद कर 'मिशन पुणे' को सफल बनाने में जुट गए हैं।

उम्मीदवारों से वन-टू-वन बात और जीत का मंत्र

मंगलवार को शिवाजीनगर स्थित 'तरवड़े क्लार्क्स इन' होटल में एक अत्यंत महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक की खास बात यह रही कि अजित पवार ने किसी सामान्य जनसभा के बजाय प्रत्येक उम्मीदवार से 'वन-टू-वन' (आमने-सामने) मुलाकात की। उन्होंने हर प्रभाग (वार्ड) की जमीनी स्थिति, बूथ स्तर की मजबूती और स्थानीय समीकरणों पर विस्तार से चर्चा की। अजित पवार ने उम्मीदवारों को स्पष्ट संदेश दिया कि चुनाव केवल मंचों से भाषण देने से नहीं, बल्कि मतदाताओं के घर तक पहुंचने से जीते जाते हैं। उन्होंने कहा कि प्रचार के लिए अब केवल 8-10 दिन शेष हैं, जो बेहद निर्णायक हैं। अपनी ऊर्जा को सही दिशा में लगाएं। अजित ने अपने उम्मीदवारों को एक महत्वपूर्ण 'चुनावी गुरुमंत्र' देते हुए कहा कि वे केंद्र या राज्य सरकार की नीतियों पर टिप्पणी करने या विवादों में फंसने से बचें।

भाजपा की कमियों को उजागर करने की सलाह

अजित पवार ने ने उम्मीदवारों को सलाह दी कि वे भाजपा के पिछले कार्यकाल की विफलताओं को जनता के सामने मजबूती से रखें। उन्होंने कहा कि शहर में कौन से विकास कार्य अधूरे रह गए और किन वादों को पूरा नहीं किया गया, इसकी जानकारी तथ्यों के साथ मतदाताओं को दी जानी चाहिए। उन्होंने साफ किया कि हालांकि पार्टी 'जैसे को तैसा' जवाब देने में सक्षम है, लेकिन प्राथमिकता हमेशा मुद्दों की राजनीति को ही मिलनी चाहिए।

आपसी समन्वय बनाए रखने का दिया निर्देश

बदलते राजनीतिक समीकरणों के बीच, अजित पवार ने उम्मीदवारों को आपसी समन्वय बनाए रखने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि पैनल के सभी उम्मीदवारों को बिना किसी द्वेष के एकजुट होकर काम करना होगा। पार्टी कार्यकर्ताओं को यह संदेश देना होगा कि पुणे के सर्वांगीण विकास के लिए राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी का सत्ता में आना क्यों अनिवार्य है। अजित पवार की इस सक्रियता ने राजनीतिक तपिश बढ़ा दी है। भाजपा के गढ़ में सेंध लगाने की यह 'अजित रणनीति' कितनी सफल होगी, इसका फैसला 16 जनवरी को आने वाले नतीजों से साफ हो जाएगा।

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