
सुप्रिया सुले (सोर्स: IANS)
Supriya Sule On Maharashtra Politics: पुणे नगर निगम चुनाव 2026 की आहट के बीच एनसीपी (SP) नेता सुप्रिया सुले ने सत्ताधारी गठबंधन पर बड़ा हमला बोला है। एक विशेष इंटरव्यू में उन्होंने विकास, महिला सशक्तिकरण और महाराष्ट्र के बदलते राजनीतिक समीकरणों पर बेबाकी से अपनी राय साझा की।
सुप्रिया सुले ने भारतीय जनता पार्टी की वर्तमान स्थिति पर कटाक्ष करते हुए कहा कि आज की भाजपा वह नहीं है जिसे लोग पहले जानते थे। उन्होंने कहा, “भाजपा के करीब 60 प्रतिशत नेता कांग्रेस और एनसीपी से आए हुए हैं। जो कार्यकर्ता सालों से दरी बिछा रहे थे, मेहनत कर रहे थे, उन्हें नजरअंदाज किया जा रहा है।” सुले के अनुसार, भाजपा जिस बढ़ते वोट बैंक का दावा करती है, वह असल में नई लहर नहीं बल्कि ‘ट्रांसफर’ हुए वोट हैं, जो नेताओं के साथ एक दल से दूसरे दल में जा रहे हैं।
आगामी स्थानीय निकाय चुनावों पर बात करते हुए सुले ने कहा कि चुनाव का आधार धर्म नहीं बल्कि नागरिकों की समस्याएं होनी चाहिए। उन्होंने कहा, “यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि अब विकास की जगह धर्म की बात हो रही है। नगर निगम चुनाव का सीधा संबंध पानी, सफाई, सड़क और वार्ड की समस्याओं से है। जनता को मूलभूत सुविधाओं के आधार पर वोट करना चाहिए।” उन्होंने चुनाव आयोग की निष्क्रियता पर भी निराशा जताई और इसे लोकतंत्र के लिए हानिकारक बताया।
‘लाडकी बहिन’ योजना और भाजपा के घोषणापत्र पर प्रतिक्रिया देते हुए सुप्रिया सुले ने कहा कि महिलाएं हमेशा से निर्णायक वोटर रही हैं। उन्होंने शरद पवार के योगदान को याद करते हुए कहा कि उन्होंने ही देश में सबसे पहले महिलाओं को आरक्षण देकर नेतृत्व में उनकी भागीदारी सुनिश्चित की। सुले ने वादा किया, “अगर हमारी सरकार आती है, तो हम महिलाओं को 3,000 रुपये की आर्थिक मदद देंगे। साथ ही, हमारा फोकस महिलाओं को बिना ब्याज के लोन और स्किल ट्रेनिंग देने पर है ताकि वे आत्मनिर्भर बन सकें।”
पुणे में बढ़ते अपराधों पर चिंता जताते हुए सुप्रिया सुले ने सीधे तौर पर राज्य सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र की पुलिस सक्षम और ईमानदार है, लेकिन राजनीतिक दखलंदाजी और तालमेल की कमी के कारण पुणे में अपराध बढ़े हैं। भाजपा के राज में अब मेरिट का कोई महत्व नहीं रहा। लोग पार्टी कार्यालयों में एक-दूसरे को बंदूक दिखा रहे हैं, जो किसी भी सभ्य समाज के लिए गलत है।” उन्होंने आश्वासन दिया कि उनकी सरकार आने पर ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति के तहत अपराधियों पर नकेल कसी जाएगी।
शिवसेना (UBT) और मनसे (MNS) के बीच बढ़ती नजदीकियों पर सुले ने कहा कि इसका चुनाव पर सकारात्मक असर होगा, क्योंकि दोनों ही दल मराठी अस्मिता और मुंबई के विकास के प्रति समर्पित हैं। वहीं, विपक्षी दलों के अलग-अलग चुनाव लड़ने पर उन्होंने सफाई दी कि ‘इंडी’ (I.N.D.I.A.) गठबंधन लोकसभा के लिए था और महा विकास अघाड़ी राज्य के लिए। स्थानीय स्तर पर हर पार्टी अपनी रणनीति के अनुसार फैसले लेती है।
यह भी पढ़ें:- पिता की शहादत के 8 घंटे बाद बेटी का जन्म, स्ट्रेचर पर लेटी पत्नी ने दी अंतिम विदाई, इमोशनल कर देगा ये- Video
पश्चिम बंगाल में आई-पैक (I-PAC) पर हुई छापेमारी को सुले ने गलत करार दिया। उन्होंने कहा कि एजेंसियों को पूछताछ के लिए बुलाया जाना चाहिए था, न कि इस तरह की रेड करनी चाहिए थी। ममता बनर्जी के व्यवहार का बचाव करते हुए उन्होंने कहा कि वह अपने खुद के दस्तावेज लेकर गई थीं, जिन्हें कोई नहीं रोक सकता था। उन्हें विश्वास है कि ममता बनर्जी के नेतृत्व में बंगाल की स्थिति जल्द ही बेहतर होगी।
अजित पवार गुट के साथ मर्जर की अटकलों पर सुप्रिया सुले ने फिलहाल सस्पेंस बरकरार रखा। उन्होंने कहा कि वर्तमान में उनका पूरा ध्यान पुणे नगर निगम चुनाव पर है और भविष्य की रणनीतियों पर समय आने पर फैसला लिया जाएगा। उन्होंने साफ किया कि उनका एजेंडा सिर्फ और सिर्फ प्रगति और विकास है।
-IANS एजेंसी इनपुट के साथ






