पिता की शहादत के 8 घंटे बाद बेटी का जन्म, स्ट्रेचर पर लेटी पत्नी ने दी अंतिम विदाई, इमोशनल कर देगा ये- Video

Satara Soldier Death Daughter Birth: सतारा जिले से मानवीय संवेदनाओं देने वाली घटना सामने आयी है। जवान प्रमोद जाधव की सड़क हादसे में मौत हो गई। जिस घर में किलकारियां गूंजने वाली थी, वहां मातम पसर गया।
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सातारा में जवान प्रमोद परशुराम जाधव के अंतिम संस्कार के दृश्य (सोर्स: सोशल मीडिया)
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Satara Martyr Pramod Jadhav Funeral Emotional Video: महाराष्ट्र के सातारा जिले से एक ऐसी हृदयविदारक घटना सामने आई है, जिसने मानवीय संवेदनाओं को झकझोर कर रख दिया है। छुट्टी पर घर आए सेना के जवान प्रमोद परशुराम जाधव की एक सड़क दुर्घटना में मौत हो गई। नियति का क्रूर खेल देखिए कि जिस घर में किलकारियां गूंजने वाली थीं, वहां मातम पसर गया।

छुट्टी पर आए थे पिता बनने की खुशी साझा करने

दरअसल, भारतीय सेना में कार्यरत प्रमोद परशुराम जाधव सिकंदराबाद और श्रीनगर जैसे संवेदनशील क्षेत्रों में देश की सेवा कर रहे थे। महज 8 दिन पहले अपने पैतृक गांव 'दरे' आए थे। उनकी पत्नी गर्भवती थीं और परिवार में नए मेहमान के आने की तैयारियां जोराें पर थीं। घर में उत्सव जैसा माहौल था, लेकिन किसे पता था कि यह खुशियां चंद दिनों की ही मेहमान हैं।

भीषण सड़क हादसे में गई जान

घटना उस समय हुई जब प्रमोद किसी निजी काम से अपने टू-व्हीलर पर वडे फाटा की ओर जा रहे थे। रास्ते में एक अनियंत्रित आयशर टेम्पो ने उनकी बाइक को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि प्रमोद जाधव की मौके पर ही मौत हो गई। इस खबर ने न केवल उनके परिवार को बल्कि पूरे सातारा जिले को स्तब्ध कर दिया।

8 घंटे बाद बेटी का जन्म

प्रमोद की मौत के बाद जो हुआ, उसने हर किसी के कलेजे को चीर कर रख दिया। जिस समय जवान का पार्थिव शरीर गांव पहुंचा और चारों तरफ "प्रमोद जाधव अमर रहें" के नारे लग रहे थे, ठीक उसी समय उनकी पत्नी ने एक स्वस्थ बेटी को जन्म दिया। एक तरफ पिता की अंतिम विदाई हो रही थी और दूसरी तरफ उनकी निशानी के रूप में बेटी दुनिया में आई थी। इस विरोधाभासी स्थिति को देख गांव का हर व्यक्ति फफक कर रो पड़ा।

नन्हे हाथों ने दी अंतिम विदाई

इस दुखद घटना का सबसे मार्मिक दृश्य तब देखने को मिला जब महज 8 घंटे पहले जन्मी नवजात बच्ची और उसकी मां, स्ट्रेचर/सहारे की स्थिति में श्मशान घाट पहुंचीं। अपनी कमजोरी और शारीरिक पीड़ा को दरकिनार कर पत्नी अपने पति के अंतिम दर्शन करने पहुंची। तिरंगे में लिपटे पिता के चेहरे को जब उसकी नवजात बेटी के सामने लाया गया, तो वहां मौजूद हर शख्स की आंखें भर आईं।

राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार

सातारा के शहीद जवान प्रमोद जाधव का अंतिम संस्कार पूरे राजकीय और सैन्य सम्मान के साथ किया गया। प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों, पूर्व सैनिकों और हजारों की संख्या में उमड़े ग्रामीणों ने उन्हें नम आंखों से विदाई दी। सैन्य टुकड़ी ने हवा में गोलियां दागकर अपने साथी को सलामी दी।

देश की रक्षा का संकल्प रखने वाले प्रमोद जाधव भले ही आज हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन उनकी शहादत और उनके परिवार पर आए इस वज्रपात की कहानी लंबे समय तक लोगों के दिलों में टीस बनकर रहेगी।

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