पुणे में EV चार्जिंग प्रोजेक्ट फ्लॉप? करोड़ों खर्च के बावजूद नहीं मिला अपेक्षित उपयोग

Electric Vehicle Policy Maharashtra: पुणे में इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के लिए शुरू किया गया EV चार्जिंग स्टेशन प्रोजेक्ट उम्मीदों पर खरा नहीं उतर पाया। राजस्व बेहद कम रहा हैं।
pune-ev-charging-project-failure-low-revenue-pmc-policy-issue
पुणे ईवी चार्जिंग स्टेशन (सौ. सोशल मीडिया )
Updated on

Pune EV Charging Project Failure: पुणे शहर में इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से शुरू किया गया ‘ईवी चार्जिंग स्टेशन प्रोजेक्ट’ अब उम्मीदों पर खरा नहीं उतर पा रहा है। इस महत्वाकांक्षी योजना के जरिए शहर में प्रदूषण कम करने और ई-व्हीकल्स को प्रोत्साहन देने का लक्ष्य रखा गया था।

पिछले डेढ़ से दो वर्षों में पुणे महानगर पालिका (पीएमसी) को इस परियोजना से केवल 14 से 15 लाख रुपये का ही राजस्व प्राप्त हुआ है। करोड़ों रुपये के निवेश के मुकाबले यह आय बेहद कम मानी जा रही है, जिससे परियोजना की सफलता पर सवाल खड़े हो गए हैं।

विस्तार योजना पर रोक

परियोजना के पहले चरण में 40 चार्जिंग स्टेशन स्थापित किए गए थे। इसे बढ़ाकर 80 और आगे 500 तक ले जाने की योजना बनाई गई थी। हालांकि, वर्तमान स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने फिलहाल नए स्टेशनों के निर्माण पर रोक लगा दी है।

योजना में कमी पर सवाल

यह प्रोजेक्ट ‘महाराष्ट्र इलेक्ट्रिक वाहन नीति 2021’ के तहत सार्वजनिक-निजी भागीदारी (PPP) मॉडल पर आधारित था। बावजूद इसके, इसे उचित योजना और प्रभावी क्रियान्वयन की कमी के कारण अपेक्षित सफलता नहीं मिल पाई।

सुविधाएं होने के बावजूद कम उपयोग

मनपा ने चार्जिंग स्टेशनों पर मोबाइल ऐप, क्यूआर कोड और पार्किंग जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई थीं। प्रति यूनिट चार्ज 13 से 19 रुपये तय किया गया था, लेकिन इसके बावजूद वाहन चालकों का रुझान नहीं बढ़ पाया।

बढ़ती EV खरीद, कम रजिस्ट्रेशन

दिलचस्प बात यह है कि शहर में इलेक्ट्रिक वाहनों की खरीद तो बढ़ रही है, लेकिन उनके आधिकारिक रजिस्ट्रेशन की संख्या अब भी कम है। इससे चार्जिंग स्टेशनों का उपयोग सीमित रह गया है।

पुनर्विचार की जरूरत

विद्युत विभाग की प्रमुख मनीषा शेकटकर के अनुसार, इस प्रोजेक्ट पर अब गंभीरता से पुनर्विचार किया जा रहा है। बिना ठोस अध्ययन के किए गए निवेश के कारण प्रशासन की आलोचना हो रही है, जिससे भविष्य की योजनाओं में सुधार की जरूरत महसूस की जा रही है।

Navbharat Live
navbharatlive.com