

Amravati Municipal Council Meeting: अमरावती महानगरपालिका महापौर श्रीचंद तेजवानी ने गुरुवार को मनपा के विश्वरत्न डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर सभागार में सभी विभाग प्रमुखों की समीक्षा बैठक ली। बैठक में शहर के विभिन्न विकास कार्यों, बुनियादी नागरिक सुविधाओं, लंबित परियोजनाओं, स्वच्छता, सड़कों की मरम्मत, सार्वजनिक स्वास्थ्य, निर्माण, उद्यान और बिजली व्यवस्था सहित सभी विभागों के कामकाज की समीक्षा की गई। बैठक में महापौर ने नागरिकों की समस्याओं का तुरंत समाधान करने, सभी विभाग आपस में बेहतर तालमेल और समन्वय के साथ काम करने के निर्देश दिए। महापौर श्रीचंद तेजवानी ने लंबित कार्यों को तय समय सीमा के भीतर पूरा करने पर जोर दिया।
उन्होंने कहा कि शहर के समग्र विकास के लिए हर विभाग को अपनी जिम्मेदारी का अहसास होना चाहिए, नागरिकों को गुणवत्तापूर्ण, पारदर्शी और समय पर सेवाएं देना महानगरपालिका की प्राथमिक जिम्मेदारी है और इसके लिए सभी अधिकारियों को सकारात्मक दृष्टिकोण के साथ काम करना होगा। उन्होंने विभाग प्रमुखों को आपसी समन्वय बढ़ाने का निर्देश देते हुए कहा कि कई विकास कार्य एक से अधिक विभागों से जुड़े होते हैं, इसलिए यदि विभागों के बीच सही संवाद और योजना होगी, तो कार्यों को गति मिलेगी, अनावश्यक देरी से बचा जा सकेगा और इसका सीधा लाभ नागरिकों को मिलेगा।
इस समय उपमहापौर सचिन भेंडे, स्थायी समिति सभापति अविनाश मार्डीकर, सदन के नेता चेतन गावंडे, गुट नेता डॉ. राजेंद्र तायडे, अतिरिक्त आयुक्त महेश देशमुख, अतिरिक्त आयुक्त शिल्पा नाईक, उपायुक्त नरेंद्र वानखड़े, उपायुक्त योगेश पिठे, उपायुक्त भाग्यश्री बोरेकर सहित महानगरपालिका के अन्य वरिष्ठ अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित थे।
अमरावती महानगरपालिका समीक्षा बैठक के दौरान विभिन्न विभाग प्रमुखों ने अपने विभागों में चल रहे कार्यों, विकास कार्यों में आ रही दिक्कतों, लंबित प्रस्तावों और भविष्य की योजनाओं के बारे में महापौर को अवगत कराया, जिस पर महापौर ने आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने विश्वास जताया कि यदि महानगरपालिका प्रशासन और लोकप्रतिनिधि मिलकर काम करेंगे तो शहर का विकास अधिक तेजी से होगा।
बैठक के दौरान अमरावती शहर महापौर ने विशेष रूप से निर्देश दिए कि प्रत्येक विभाग प्रमुख अपने कार्यक्षेत्र के वार्डों के नगरसेवकों (लोकप्रतिनिधियों) के साथ नियमित संपर्क में रहें, उनके सुझावों को प्राथमिकता दें और विकास कार्यों को उनके समन्वय से पूरा करें। उन्होंने कहा कि नागरिकों की समस्याएं सबसे पहले नगरसेवकों के माध्यम से प्रशासन तक पहुंचती हैं, इसलिए जनप्रतिनिधियों और प्रशासन के बीच प्रभावी तालमेल होना बेहद जरूरी है ताकि विकास कार्यों में संवाद की कोई कमी न रहे।
इसके अलावा, मानसून के मद्देनजर उन्होंने शहर की स्वच्छता व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने, नाला सफाई, सड़कों की देखभाल, सार्वजनिक स्वास्थ्य से जुड़े उपायों और नागरिकों की शिकायतों का समय पर निवारण करने के लिए सभी विभागों को सतर्क रहने के निर्देश दिए।