
पुणे महानगर पालिका (सोर्स: सोशल मीडिया)
Maharashtra Local Body Election: आगामी पुणे महानगरपालिका चुनाव को लेकर भारतीय जनता पार्टी में टिकट को लेकर मारामारी शुरू हो गई।
पार्टी के भीतर ही इच्छुकों की संख्या इतनी बढ़ चुकी है कि अब अन्य दलों से भाजपा में प्रवेश करने की इच्छा रखने वालों के लिए फिलहाल सभी रास्ते लगभग बंद कर दिए गए है।
सूत्रों के मुताबिक पार्टी नेतृत्व पर पहले से मौजूद दावेदारों को समायोजित करने का दबाव हैं। इसलिए नए नेताओं की ‘इनकमिंग’ पर ब्रेक लगाया दिया गया है, लेकिन इसी बीच खबर यह भी है कि एक बड़ा प्रवेश कार्यक्रम हो सकता हैं। पुणे महानगरपालिका में पिछले तीन वर्षों से प्रशासक राज है, लेकिन न्यायालय के आदेशानुसार 31 जनवरी 2026 से पहले चुनाव’ कराना अनिवार्य हो गया है।
राज्य के स्थानीय स्वराज्य संस्थाओं के चुनाव तीन चरणों में आयोजित किए जाएंगे। नगर परिषद व नगर पंचायत के चुनाव की प्रक्रिया चल रही हैं। दूसरे चरण में जिला परिषद व पंचायत समितियों के चुनाव हो सकते हैं। जबकि तीसरे चरण में महापालिका के चुनाव हो सकते हैं।
इसलिए सभी पार्टियों ने अपनी चुनावी तैयारियां तेज कर दी है। साथ ही तमाम पार्टी के कार्यकर्ता और पदाधिकारी पहले से ज्यादा एक्टिव हो गए है। राज्य और केंद्र सरकार में भाजपा की सत्ता है, इसलिए पुणे महापालिका चुनाव पार्टी के लिए प्रतिष्ठा का विषय बन गया है।
इसी वजह से टिकट चाहने वालों की संख्या बढ़ गई है और चुनाव के करीब आते आते यह संख्या और बढ़ने की उम्मीद है। इच्छुकों ने जनसंपर्क बनाना शुरू कर दिया हैं और अपनी जीत के लिए अघोषित रुप से प्रचार शुरू कर दिया है।
कांग्रेस, राष्ट्रवादी कांग्रेस और अन्य पार्टियों के कुछ पूर्व नगरसेवक और कार्यकर्ता भाजपा में शामिल होने को तैयार है, लेकिन वे पार्टी से टिकट की गारंटी मांग रहे है। भाजपा के स्थानीय नेतृत्व के लिए यह स्थिति मुश्किल भरी है, क्योंकि पहले से ही पार्टी के भीतर दावेदारों की लंबी फेहरिस्त तैयार है।
इसी वजह से फिलहाल बाहर से आने वालों को एंट्री देने पर रोक लगा दी गई है। भाजपा के एक वरिष्ठ नेता ने बताया कि पहले हमारे अपने कार्यकर्ताओं को अवसर मिलना चाहिए, इसलिए बाहरी नेताओं को तुरंत टिकट या प्रवेश देना संभव नहीं है।
भाजपा में आने के लिए कई लोग इच्छूक है, लेकिन हमारे यहां पहले से ही दावेदारों की संख्या काफी ज्यादा है, इसलिए अन्य दलों से आने वाली को फिलहाल प्रवेश देने की जगह नहीं है।
– चंदशेखर बावनकुले, राजस्व मंत्री
पार्टी में अधिकांश प्रभागों में दावेदार पहले से मौजूद है, लेकिन कुछ प्रभाग ऐसे भी है जहां भाजपा को मजबूत चेहरा मिलना कठिन है। ऐसे इलाको में जीत सुनिश्चित करने के लिए भाजपा रणनीतिक रूप से प्रभावी बाहरी नेताओं को शामिल कर सकती है।
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सूत्रों के अनुसार कांग्रेस के कुछ वसिष्ठ पूर्व नगरसेवक अपने पुत्री या परिवारजनों को टिकट मिलने की शर्त पर भाजपा में शामिल होने के लिए – तैयार है। भाजपा में जल्द ही एक बड़े पार्टी प्रवेश कार्यक्रम हो सकता है। यह चुनाव घोषित होने से पहले हो सकता है। इसके बाद पार्टी के अंदर असंतोष बढ़ना तय माना जा रहा है।
-नवभारत लाइव के लिए पुणे से समीर सय्यद की रिपोर्ट






