पुणे में पीएमआरडीए प्लान रद्द होने से जमीन के दाम बदले, स्टाम्प ड्यूटी में बड़ी राहत
Pune Real Estate Policy Change News: पुणे में पीएमआरडीए का डेवलपमेंट प्लान रद्द होने से जमीन की दरों में बदलाव आया है। इससे नागरिकों को स्टाम्प ड्यूटी में राहत मिल रही है।
- Written By: अपूर्वा नायक
पीएमआरडीए (सौ. सोशल मीडिया )
PMRDA Plan Cancelled Pune Ready Reckoner Rate: पुणे महानगर प्रदेश विकास प्राधिकरण (पीएमआरडीए) के प्रस्तावित डेवलपमेंट प्लान को रद्द किए जाने के निर्णय ने क्षेत्र के रियल एस्टेट बाजार और सरकारी राजस्व समीकरणों में बड़ा उलटफेर कर दिया है।
राज्य सरकार द्वारा इस प्लान को निरस्त करने के बाद अब पीएमआरडीए क्षेत्र में पुराना प्रादेशिक प्लान प्रभावी हो गया है, जिसका सीधा असर 1 अप्रैल से लागू होने वाली रेडी रेकनर दरों पर पड़ा है।
यद्यपि सरकार ने वर्ष 2026-27 के लिए सामान्य दरों में कोई नई वृद्धि न करते हुए पिछले वर्ष के स्तर को ही बरकरार रखा है, लेकिन पीएमआरडीए क्षेत्र में जोन परिवर्तन के कारण तकनीकी रूप से दरों में भारी कमी आई है। यह स्थिति आम जमीन मालिकों के लिए जहां वित्तीय लाभ का सौदा साबित हो रही है, वहीं सरकारी खजाने को मिलने वाली स्टाम्प ड्यूटी में सेंध लगा सकती है।
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कम स्टाम्प ड्यूटी चुकानी होगी
बता दें कि पीएमआरडीए के मूल डेवलपमेंट प्लान में कई इलाकों को रिहायशी और औद्योगिक क्षेत्रों के रूप में चिन्हित किया गया था, जहां रेडी रेकनर की दरें स्वाभाविक रूप से काफी अधिक थीं। यदि वह प्लान लागू रहता, तो जमीन की रजिस्ट्री के समय सरकार को मोटा राजस्व प्राप्त होता।
लेकिन अब प्रादेशिक प्लान लागू होने से ये अधिकांश जमीनें पुनः ‘कृषि’ या ‘नो डेवलपमेंट’ जोन की श्रेणी में आ गई हैं। चूंकि कृषि भूमि की सरकारी दरें कम होती हैं, इसलिए अब इन जमीनों की खरीद-बिक्री पर नागरिकों को काफी कम स्टाम्प ड्यूटी चुकानी होगी।
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पंजीकरण विभाग के अधिकारियों का मानना है कि इस बदलाव से राजस्व संग्रहण में गिरावट आना तय है। सहसंचालक धनंजय खोत ने भी पुष्टि की है कि डेवलपमेंट प्लान रद्द होने के कारण अब प्रादेशिक प्लान की श्रेणियों के आधार पर ही नई दरें निर्धारित की गई हैं। यह प्रशासनिक फेरबदल आने वाले समय में पुणे के आसपास के ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में जमीन के लेन-देन की प्रकृति को पूरी तरह बदल सकता है।
