सुविधा : PMPML का प्रदूषण नियंत्रण और यात्री क्षमता बढ़ाने पर जोर गर्मियों में दौड़ेंगी 'डबल डेकर'

पुणे में 2026 की गर्मियों तक PMPML के बेड़े में इलेक्ट्रिक डबल डेकर बसें शामिल होंगी। इससे प्रदूषण घटेगा, यात्री क्षमता दोगुनी होगी और पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा।
सुविधा : PMPML का प्रदूषण नियंत्रण और यात्री क्षमता बढ़ाने पर जोर गर्मियों में दौड़ेंगी 'डबल डेकर'
प्रतीकात्मक तस्वीर ( सोर्स :सोशल मीडिया )
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Pimpri Chinchwad Bus News: पुणे और पिंपरी-चिंचवड शहर की सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था की रीढ़ मानी जाने वाली 'पीएमपीएमएल' (पीएमपीएमएल) के बेड़े में एक बार फिर ऐतिहासिक दोमंजिला (डबल डेकर) बसें शामिल होने जा रही हैं।

विशेष बात यह है कि ये बसें पूरी तरह से इलेक्ट्रक (ईवी) होंगी और 2026 की गर्मियों तक इनके पुणेवासियों की सेवा में शुरू होने की संभावना है। एक समय में पुणे की सड़कों पर डबल डेकर बसें मुख्य आकर्षण हुआ करती थीं।

अब उन्हीं यादों को आधुनिकता के साथ जोड़ते हुए पीएमपीएमएल प्रशासन ने नई इलेट्रिक डबल डेकर बसें लाने की योजना बनाई है। यह निर्णय बढ़ते प्रदूषण पर नियंत्रण पाने और यात्री क्षमता बढ़ाने के उद्देश्य से लिया गया है। पीएमपीएमएल के बेड़े में शामिल होने वाली ये नई इलेट्रिक डबल डेकर बसें कई विशेषताओं से लैस होंगी।

ये बसें पूरी तरह से बैटरी पर आधारित होने के कारण ध्वनि और वायु प्रदूषण नहीं फैलाएंगी, जिससे शहर के पर्यावरण संरक्षण में बड़ी मदद मिलेगी। सामान्य बसों की तुलना में इन दोमंजिला बसों में दोगुनी यात्री क्षमता होगी, जिससे भीड़ के समय यात्रियों को बड़ी राहत मिलेगी और सफर अधिक आरामदायक होगा।

यात्रियों की सुविधा के लिए ये बसें पूरी तरह से वातानुकूलित (एसी) होंगी। सुरक्षा और तकनीकी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए, ये बसें प्राथमिकता के साथ शहर की उन मुख्य और चौड़ी सड़कों पर चलाई जाएंगी, जहां पुलों की ऊंचाई बाधा नहीं बनेगी। पुणे में इलेट्रिक डबल डेकर बसों की शुरुआत से प्रदूषण में कमी आएगी और यात्री क्षमता दोगुनी होने से भीड़भाड़ से राहत मिलेगी।.

पर्यटन को भी मिलेगा बढ़ावा

पीएमपीएमएल ने इन बसों के लिए हाल ही में योजना (प्लान) प्रस्तुत की है।वर्तमान में इन बसों की खरीद के लिए निविदा प्रक्रिया और मागों के सर्वेक्षण का काम जारी है।

काम में इस तरह तेजी लाई जा रही है कि 2026 की गर्मियों तक ये बसें सड़कों पर दौड़ने लगे। पुणे के नागरिकों में अपनी इस पुरानी पहचान के नए रूप को लेकर भारी उत्साह देखा जा रहा है। माना जा रहा है कि इससे न केवल सार्वजनिक परिवहन सुदृढ होगा, बल्कि पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा।

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