
रापनि बस (सौजन्य-नवभारत)
Gadchiroli News: गड़चिरोली जिले में पहले ही कबाड़ बसों के चलते यात्री त्रस्त हो गये है। और अब बिना नामफलक की बसें सड़कों पर दौड़ऩे के कारण यात्री पूरी तरह असमंजस में पड़ गये है। विशेषत: रापनि द्वारा डिपो परिसर में जिस मार्ग पर बस जा रही है, उस मार्ग पर फलक लगाने की सूचना देनेवाला बोर्ड लगाया गया है।
लेकिन रापनि कर्मी इस सूचना की ओर नजरअंदाज करते हुए बिना फलक के ही बसें चला रहे है। जिससे यात्री पूरी तरह त्रस्त हो गये है। रापनि इस मामले की ओर गंभीरता से ध्यान देकर प्रत्येक बसों में गांवों के नामफलक लगाने की मांग यात्री वर्ग द्वारा की जा रही है।
अनेक बस चालक बसों में मार्ग फलक न लगाते हुए बसें चला रहे है। जिसके कारण यात्री असमंजस में पड़कर उनके मार्ग की ओर बस जाने के बावजूद भी वह बस पर सवार नहीं होते। वहीं अनेक बार लोग बस में सवार होते है, लेकिन बस में सफर करते समय यह बस उनके मार्ग की ओर नहीं जाने की बात पता चलते ही उन्हें बीच मार्ग पर ही उतरना पड़ता है।
जल्दबाजी के चलते ऐसे कई मामले सामने आ रहे है। रापनि द्वारा डिपो परिसर में रापनि कर्मचारियों के लिए सूचना फलक लगवाया गया है। जहां स्पष्ट रूप से लिखा है कि बस चालक जिस मार्ग से बसें चला रहे है, उस मार्ग के गांवों के नामों का फलक बस में लगाना आवश्यक है।
गड़चिरोली आदिवासी बहुल और नक्सल प्रभावित जिले में रापनि के गड़चिरोली और अहेरी में दो बस डिपो है। इन दो बस डिपों अंतर्गत जिला अंतर्गत तथा बाहर जिले और राज्यों में बसें चलाई जाती है। किंतु गड़चिरोली जिला अंतर्गत चलाई जाने वाली रापनि की बसेस आधे से अधिक भंगार हो गयी है।
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जिससे सफर के दौरान अचानक बसें फेल होने, टायर पंचर होने जैसी घटनाएं घट रही है। जिससे यात्रियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। जिससे रापनि बसों की दुरुस्ती कर यात्रियों को दर्जेदार सेवा देने की मांग भी यात्रियों द्वारा की जा रही है।
अनेक बार रापनि की बसों में सफर करने वाले यात्री जल्दबाजी में बस में सवार हो जाते है। बस में गांव के नाम लिखा हुआ फलक नहीं होने के कारण अपने ही मार्ग की ओर बस जाने की बात कह यात्री बस में सवार हो जाते है। लेकिन अनेक बार बस में सवार होने के बाद यह बस दूसरे गांव जाने बात पता चलने पर यात्री बीच राह में उतर जाते है। इस समस्या से राहत दिलाने के लिए रापनि उपाययोजना करने की मांग की है।






