
पिंपरी-चिंचवड़ महानगरपालिका (सोर्स: सोशल मीडिया)
Pimpri Chinchwad News In Hindi: पिंपरी-चिंचवड महानगर पालिका के आगामी चुनावों की पृष्ठभूमि में पिंपले सौदागर का प्रभाग क्रमांक 28 एक बार फिर राजनीतिक चर्चा के केंद्र में आ गया है।
2017 के चुनाव में इस प्रभाग द्वारा दिया गया मिला-जुला फैसला आज भी राजनीतिक विश्लेषकों के लिए कौतूहल का विषय बना हुआ है। उस समय भाजपा के पक्ष में माहौल होने के बावजूद, राष्ट्रवादी कांग्रेस ने यहां दो सीटें जीतकर अपनी ताकत दिखाई थी। यही कारण है कि इस बार यह प्रभाग किसके पाले में जाएगा, इस पर पूरे शहर की नजरें टिकी हैं।
प्रभाग संरचना में फाइव गार्डन, शिवार गार्डन, प्लैनेट मिलेनियम, कापसे लॉन, रामनगर, कुणाल आइकॉन और गोविंद गार्डन जैसे प्रमुख और घनी आबादी वाले क्षेत्र शामिल हैं।
पिछले दो दशकों में पिंपले सौदागर का तेजी से विकास हुआ है और आज यहां हाई-प्रोफाइल सोसायटियों का दबदबा है। यहां के लगभग 70 प्रतिशत मतदाता शिक्षित और संपन्न वर्ग से हैं, जबकि शेष 30 प्रतिशत मध्यमवर्गीय परिवारों से हैं, मतदाताओं का यहीं समीकरण यहां के राजनीतिक गणित को और भी जटिल बनाता है।
स्थानीय राजनीति मुख्य रूप से ‘काटे’ परिवार के इर्द-गिर्द घूमती है, जहां आपसी राजनीतिक संघर्ष अब पारंपरिक रूप ले चुका है। सोसायटियों में रहने वाले मतदाताओं की अपेक्षाएं नागरिक सुविधाओं, बेहतर सड़कों, सुचारू यातायात, स्वच्छता और डिजिटल सेवाओं पर केंद्रित हैं।
उनका मानना है कि भारी टैक्स भुगतान के बदले में उन्हें विश्वस्तरीय सुविधाएं मिलनी चाहिए। दूसरी ओर, मध्यमवर्गीय मतदाताओं के लिए रोजगार के अवसर, छोटे व्यवसायों को प्रोत्साहन और सब्जी मंडी जैसी बुनियादी सुविधाएं प्राथमिकता हैं।
भाजपा के लिए यह अपना गढ़ बचाने की चुनौती है। शहर अध्यक्ष यहां से उम्मीदवार बन सकते हैं। पार्टी इस दिशा में अपनी पूरी ताकत झोंक रही है। वहीं, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी भी पिछले परिणामों को दोहराने के लिए नई रणनीति बना रही है। विरोधियों की नजर अधूरी विकास परियोजनाओं और स्थानीय नाराजगी पर है।
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आधिकारिक सब्जी मंडी का अभाव है, जिसके कारण अवैध फेरीवालों और फुटपाथों पर लगने वाले साप्ताहिक बाजारों का साम्राज्य फैल गया है। इससे विकसित क्षेत्र में अव्यवस्था बढ़ रही है।






