
Rebel Candidates Panel:नागपुर महानगरपालिका चुनाव (सोर्सः सोशल मीडिया)
Nagpur Municipal Election: इस बार का महानगरपालिका चुनाव कुछ अलग ही रंग में नजर आ रहा है। प्रमुख राजनीतिक दल भाजपा और कांग्रेस ने टिकट वितरण में कई पूर्व नगरसेवकों और दूसरे नंबर पर रहे पूर्व उम्मीदवारों की टिकटें काटकर बिल्कुल नए चेहरों को मौका दिया है। इससे दोनों ही पार्टियों में असंतोष देखने को मिल रहा है। महायुति और महाविकास आघाड़ी में शामिल घटक दलों राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद पवार), राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (अजीत पवार), शिंदे गुट की शिवसेना और उद्धव ठाकरे गुट की शिवसेना में भी गठबंधन समीकरणों के चलते ऐनवक्त पर कई इच्छुक उम्मीदवारों की टिकटें कट गईं।
इनमें से अनेक कार्यकर्ता अब निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनाव मैदान में उतर चुके हैं। खास बात यह है कि विभिन्न पार्टियों से बगावत कर चुनाव लड़ रहे उम्मीदवारों ने कुछ प्रभागों में आपस में हाथ मिलाकर चार सदस्यों का ‘पैनल’ बना लिया है। इन पैनलों को बाकायदा नाम दिया गया है और उसी नाम से वे जनता के बीच जाकर संयुक्त रूप से वोट मांग रहे हैं। ऐसे पैनल दक्षिण नागपुर, उत्तर नागपुर और पूर्व नागपुर में सक्रिय रूप से नजर आ रहे हैं।
दक्षिण नागपुर के प्रभाग क्रमांक 31 में भाजपा, शिवसेना (उद्धव ठाकरे), कांग्रेस के तीन बागी उम्मीदवारों ने एक अन्य निर्दलीय उम्मीदवार को साथ लेकर अपना ‘पैनल’ तैयार किया है। इनके बैनर, पोस्टर, प्रचार रथ और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर चारों उम्मीदवारों की संयुक्त तस्वीरों के साथ प्रचार किया जा रहा है। खास बात यह है कि इनमें से कोई भी उम्मीदवार कमजोर नहीं माना जा रहा है। सभी आर्थिक रूप से सक्षम हैं और उनकी पारिवारिक राजनीतिक व सामाजिक पृष्ठभूमि भी मजबूत है। इसी तरह के कई अन्य पैनल भी निर्दलीय उम्मीदवारों ने आपसी साझेदारी से तैयार किए हैं, जो राजनीतिक दलों के उम्मीदवारों को कड़ी चुनौती देने का प्रयास कर रहे हैं।
उत्तर नागपुर विधानसभा क्षेत्र को कांग्रेस का गढ़ माना जाता है, लेकिन इस बार यहां भी टिकट न मिलने से कई इच्छुक उम्मीदवार नाराज हैं। बगावत कर अनेक कार्यकर्ताओं ने नामांकन दाखिल किया था। लगभग 50 प्रतिशत बागियों को मनाने में सफलता मिली और उन्होंने नाम वापस ले लिए, लेकिन कई अब भी चुनाव मैदान में डटे हुए हैं। यहां के दो प्रभागों में कांग्रेस के बागी उम्मीदवारों ने कुछ निर्दलीयों के साथ मिलकर ‘पैनल’ बना लिया है और वे संयुक्त रूप से चुनाव प्रचार कर रहे हैं। कुछ बागियों की भावना टिकट कटने का बदला लेने की भी बताई जा रही है।
ये भी पढ़े: रविवार को CM के साथ, सोमवार को BJP का विरोध, नवनीत राणा की भूमिका से सियासी हलचल
संघ के गढ़ माने जाने वाले महल क्षेत्र में भी रोचक स्थिति देखने को मिल रही है। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के एक युवा कार्यकर्ता ने पहले ही स्वतंत्र रूप से चुनाव लड़ने की मंशा जाहिर कर दी थी। आरएसएस विचारधारा से जुड़े इस युवा ने भाजपा छोड़कर फॉरवर्ड ब्लॉक के टिकट पर मैदान में उतरने का फैसला किया। उसने मीडिया के सामने अपना चुनावी एजेंडा और विचार बेबाकी से रखे हैं। इस उम्मीदवार ने कुछ अन्य युवा निर्दलीय उम्मीदवारों के साथ मिलकर अपना पैनल तैयार किया है। ये तेजतर्रार युवा पूरे प्रभाग में अपना एजेंडा लेकर जनता से आशीर्वाद मांग रहे हैं।
प्रभाग प्रणाली से हो रहे चुनाव के चलते अकेले किसी निर्दलीय उम्मीदवार के लिए जीत हासिल करना बेहद कठिन माना जा रहा है। इसी चुनौती से निपटने के लिए निर्दलीय उम्मीदवार समविचारी लोगों के साथ मिलकर पैनल बना रहे हैं, ताकि पूरे प्रभाग में प्रभावी ढंग से प्रचार किया जा सके और अधिक से अधिक नागरिकों तक पहुंच बनाई जा सके। यह नया पैटर्न मुख्य राजनीतिक दलों के उम्मीदवारों के लिए आने वाले दिनों में बड़ा सिरदर्द साबित हो सकता है।






