पिंपरी-चिंचवड़ पुलिस आयुक्तालय (फोटो-सोशल मीडिया)
Pimpri Chinchwad Police: पिंपरी-चिंचवड़ पुलिस आयुक्तालय के अंतर्गत कार्यरत ‘विशेष बाल पुलिस इकाई’ द्वारा पिछले दो वर्षों में चलाए गए विभिन्न प्रतिबंधात्मक और पुनर्वासात्मक कार्यक्रमों का बाल अपराध पर सकारात्मक प्रभाव दिखाई दे रहा है। विभिन्न मामलों में बच्चों की व्यक्तिगत काउंसलिंग, अभिभावकों से सीधा संवाद, पारिवारिक व शैक्षणिक पृष्ठभूमि की जांच तथा शिक्षा और रोजगारोन्मुख मार्गदर्शन जैसी पहलों के माध्यम से नाबालिगों में पनपती अपराध प्रवृत्ति को नियंत्रित करने का ठोस प्रयास किया जा रहा है, पुलिस प्रशासन का मानना है कि समय रहते किए गए इन हस्तक्षेपों से अपराध की ओर झुकने वाले बच्चों को सही दिशा देने में बड़ी सफलता मिली है।
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‘संवाद’ अभियान के अंतर्गत वर्तमान में 245 संदिग्ध मामलों की निगरानी की जा रही है। सामाजिक संस्थाओं के सहयोग से बच्चों का मनोवैज्ञानिक मूल्यांकन किया जा रहा है। आर्थिक तंगी, अवसाद, नैतिक मूल्यों का अभाव और पारिवारिक कलह बाल अपराध के पीछे प्रमुख कारण हैं। नियमित काउंसलिंग, आवश्यकतानुसार चिकित्सीय उपचार, ध्यान-योग और जीवन कौशल प्रशिक्षण संचालित किए जा रहे है।
बाल अधिकारों और पिंपरी-चिंचवड़ पुलिस थानों की भूमिका को लेकर वर्तमान में एक विशेष जन-जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। स्कूलों, कॉलेजों, औद्योगिक क्षेत्रों और बस्तियों में बैठकें आयोजित कर छात्रों को अपराध से दूर रहने का मार्गदर्शन दिया जा रहा है। पुलिस आयुक्त विनय कुमार चौबे के मार्गदर्शन और सहायक पुलिस आयुक्त डॉ. विशाल हिरे के नेतृत्व में ‘संवाद’ नामक विशेष अभियान सक्रिय है। इस पहल के तहत पुलिस टीमें विभिन्न क्षेत्रों में जाकर सीधे बच्चों और उनके अभिभावकों से संवाद स्थापित करती हैं।