पुणे जहरीली शराब मामले में नया मोड़, 2 बड़े पुलिस अधिकारी निलंबित, 24 तक पहुंच चुका है मृतकों का आंकड़ा
Pimpri Chinchwad Illicit Liquor Case 2 Police Officers Suspended: पुणे जहरीली शराब मामले में 2 और पुलिस अधिकारी सस्पेंड, मृतकों की संख्या 24 हुई। भिवंडी से 5929 लीटर मेथनॉल जब्त।
- Written By: अनिल सिंह
पुणे जहरीली शराब मामले में दो और पुलिसकर्मी सस्पेंड (फोटो क्रेडिट-X)
Pimpri Chinchwad Illicit Liquor Case: पुणे के पिंपरी-चिंचवड़ और उससे सटे ग्रामीण इलाकों को झकझोर कर रख देने वाले इस जहरीली शराब मामले ने पूरे राज्य के प्रशासनिक अमले को हिलाकर रख दिया है। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुणे ग्रामीण पुलिस अधीक्षक संदीप सिंह गिल ने पूरे नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया था। एसआईटी की कड़ाई से की जा रही विभागीय जांच में यह बेहद सनसनीखेज सच सामने आया कि कानून व्यवस्था बनाए रखने के जिम्मेदार अधिकारी ही अपराधियों के मददगार बने बैठे थे।
जांच के रडार पर आए उरुली कंचन पुलिस स्टेशन के दो निलंबित पुलिस अधिकारियों के नाम अजीत शिवाजी काले और सुमित नंदकुमार वाघ हैं। प्राथमिक तकनीकी और कॉल रिकॉर्ड जांच में साबित हुआ है कि ये दोनों अधिकारी इस पूरे खूनी खेल के मास्टरमाइंड और मुख्य आरोपी राधेश्याम प्रजापति के साथ नियमित तौर पर जुड़े हुए थे और अवैध धंधे को संरक्षण दे रहे थे।
24 मासूमों की मौत, अस्पतालों में जिंदगी की जंग लड़ रहे कई पीड़ित
स्थानीय स्तर पर अवैध और मिलावटी शराब के इस काले कारोबार ने कई हंसते-खेलते परिवारों को हमेशा के लिए उजाड़ दिया है। अब तक आधिकारिक तौर पर 24 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है। जहरीली शराब के सेवन के बाद शरीर के अंगों के काम बंद करने (Organ Failure) के कारण कई अन्य मजदूरों और ग्रामीणों को विभिन्न अस्पतालों के आईसीयू (ICU) में वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखा गया है, जिससे मृतकों की संख्या और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।
सम्बंधित ख़बरें
राज्यभर FDA की बड़ी कार्रवाई, गुटखा, दूध और खाद्य सामग्री जब्त, 103 प्रतिष्ठानों की जांच पूरी
बेस्ट बस हादसों पर गंभीर सवाल; ड्राइवर नहीं, सिस्टम है हादसों का जिम्मेदार, कागजों में फिट, सड़क पर हैं अनफिट
NEET UG 2026 परिणाम पर छत्रपति संभाजीनगर में उठे बड़े सवाल, दो छात्रों ने कम अंक आने का दावा, 23 को सुनवाई
BEST बदलेगी, सफर संवरेंगे, बेस्ट के कायाकल्प का तैयार ब्लूप्रिंट, डबल डेकर विस्तार, नए रूट और भर्ती के आदेश
ये भी पढ़ें- लाडकी बहिन योजना हो जाएगी बंद! केवायसी प्रक्रिया महज एक बहाना, रोहित पवार के दावे से मचा हड़कंप
भिवंडी में बड़ी रेड, डी-कंपनी और केमिकल माफिया के नेटवर्क की जांच
पुलिस की धरपकड़ की कार्रवाई में अब तक इस जहरीले रैकेट से जुड़े कुल 22 संदिग्धों को विभिन्न ठिकानों से सलाखों के पीछे भेजा जा चुका है। मुख्य साजिशकर्ता राधेश्याम प्रजापति को उरुली कंचन इलाके से दबोचे जाने के बाद, उससे मिली खुफिया सूचना के आधार पर पुलिस ने ठाणे के भिवंडी औद्योगिक क्षेत्र में एक गोदाम पर छापा मारा। वहां से पुलिस ने 5,929 लीटर खतरनाक औद्योगिक केमिकल मेथनॉल (Methanol) बरामद किया है, जिसे बेहद कम मात्रा में भी शराब में मिला देने से वह इंसानों के लिए जानलेवा जहर बन जाती है।
‘दोषी पुलिसवालों को बख्शा नहीं जाएगा’, पुलिस अधीक्षक की कड़ी चेतावनी
ग्रामीण पुलिस अधीक्षक संदीप सिंह गिल ने साफ किया है कि पुलिस विभाग में छिपे ऐसे काली भेड़ों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जा रही है। इन दो ताजा निलंबनों से पहले भी कर्तव्य में घोर लापरवाही बरतने के आरोप में क्षेत्र के 21 अन्य पुलिसकर्मियों को पहले ही सस्पेंड किया जा चुका है। वरिष्ठ अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि यह जांच पूरी तरह से पारदर्शी और निष्पक्ष तरीके से आखिरी छोर तक जाएगी, और अवैध धंधों को वित्तीय मदद पहुंचाने वाले हर सफेदपोश और वर्दीधारी को जेल का रास्ता दिखाया जाएगा।
