पिंपरी-चिंचवड़ में ईंधन की बढ़ती कीमतों की मार; नए शैक्षणिक सत्र से स्कूल बस और ऑटो का किराया 40% तक बढ़ेगा
Pimpri Chinchwad News: पिंपरी-चिंचवड़ में ईंधन की बढ़ती कीमतों और ट्रैफिक जाम के कारण जून से शुरू हो रहे नए शैक्षणिक सत्र में स्कूल बस और ऑटो के किराए में 40% तक की भारी बढ़ोतरी होने की आशंका है।
- Written By: रूपम सिंह
पिंपरी-चिंचवड़ बस (सोर्स- सोशल मीडिया)
Pimpri Chinchwad School Bus Fare Hike News: अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ईरान-अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव और ईंधन कीमतों में लगातार हो रही बढ़ोतरी का असर अब पिंपरी-चिंचवड़ शहर के आम नागरिकों पर साफ दिखाई देने लगा है। पेट्रोल और डीजल के बढ़ते दामों ने जहां घरेलू बजट को प्रभावित किया है, वहीं नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत से पहले स्कूल परिवहन शुल्क में संभावित वृद्धि ने अभिभावकों की चिंता और बढ़ा दी है। नए शैक्षणिक सत्र में कटेगी अभिभावकों की जेब गर्मियों की छुट्टियां समाप्त होने के बाद जून माह से विभिन्न स्कूलों में नया सत्र शुरू होने जा रहा है।
ऐसे में पिंपरी, चिंचवड़, भोसरी, निगड़ी, वाकड़, सांगवी और आसपास के क्षेत्रों में संचालित स्कूल बसों और ऑटो रिक्शा के किराए में 30 से 40 प्रतिशत तक बढ़ोतरी की तैयारी की जा रही है। परिवहन संचालकों का कहना है कि बढ़ती लागत के कारण यह फैसला लेना मजबूरी है।
संचालन खर्च के साथ ईंधन खपत बढ़ी
स्कूल बस और रिक्शा संचालकों के अनुसार, पिछले कुछ दिनों में डीजल की कीमतों में तेजी आई है और इसके साथ ही इंजन ऑयल, स्पेयर पार्ट्स, बीमा तथा आरटीओ शुल्क में भी लगातार वृद्धि हो रही है।
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परिवहन खर्च का बढ़ना हमारे लिए चिंता का विषय बढ़ती महंगाई के कारण परिवारों का मासिक बजट पूरी तरह प्रभावित हो रहा है। स्कूल फीस और शैक्षणिक सामग्री के बाद अब परिवहन खर्च बढ़ना चिंता का विषय है। शोभा ठोंबरे, अभिभावक
किराए में 40% की बढ़ोतरी
ईंधन और रखरखाव लागत में लगातार वृद्धि के चलते आगामी एक महीने में किराए में 30 से 40 प्रतिशत बढ़ोतरी पर विचार किया जा रहा है। मौजूदा परिस्थितियों में बिना शुल्क वृद्धि के संचालन करना कठिन होता जा रहा है।
मोहन पाटोले, स्कूल बस मालिक
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ट्रैफिक जाम से बढ़ी परेशानी
पिंपरी-चिंचवड़ और हिंजवड़ी मे ट्रैफिक जाम के कारण वाहनों की ईंधन खपत भी पहले की तुलना में काफी बढ़ गई है। बसों को दिन में कई बार चक्कर लगाने पड़ते हैं, जिससे संचालन खर्च में उल्लेखनीय इजाफा हुआ है। इस संभावित किराया वृद्धि का सबसे अधिक असर उन परिवारों पर पड़ेगा, जिनके बच्चे दूर स्थित स्कूलों में पढ़ते हैं। पहले से बढ़ी हुई स्कूल फीस, किताबों और अन्य शैक्षणिक खर्चा से जूझ रहे अभिभावकों के लिए परिवहन शुल्क में वृद्धि एक अतिरिक्त आर्थिक बोझ साबित होगी।
