
नुकीले किलों वाला बेल्ट (सौ. नवभारत )
Leopard Attack In Shirur District: शिरूर तहसील के पिंपरखेड़ गांव में तेंदुओं के बढ़ते आतंक के कारण ग्रामीणों ने अपनी जान बचाने के लिए कुत्तों जैसे नुकीले कीलों के बेल्ट गले में पहनने शुरू कर दिए हैं।
तेंदुए गर्दन पर हमला करते हैं, इसलिए खेती के लिए खेतों में जाने को मजबूर ग्रामीणों का यह कदम उनके गहरे डर को दर्शाता है। इस शर्मनाक स्थिति पर सांसद अमोल कोल्हे ने सरकार की निष्क्रियता पर सवाल उठाए हैं।
पिंपरखेड़ गांव के किसानों ने तेंदुए के आतंक के कारण अपनी जान जोखिम में डालकर काम करने की मजबूरी व्यक्त की है। किसान सुनीता ढोमे ने अपनी व्यथा बताते हुए कहा कि खेतों में काम किए बिना हमारा पेट नहीं भरेगा।
चूंकि तेंदुआ गर्दन पर हमला करता है, इसलिए हमें ना चाहते हुए भी नुकीले कीलों वाला पट्टा गले में पहनना पड़ता है। खुद की जान बचाने के लिए हमारे पास कोई दूसरा विकल्प नहीं है।
वहीं, एक अन्य किसान संतोष ढोमे ने बताया कि उनके कुत्ते ने इसी तरह के पट्टे के कारण तेंदुए के हमले से खुद को बचाया था, इसी अनुभव को देखते हुए अब वे भी अपनी आत्मरक्षा के लिए खेतों में काम करते समय नुकीले कीलों वाला पट्टा पहन रहे हैं।
यह स्थिति क्षेत्र के किसानों की गंभीर चिंता और मजबूरी को दर्शाती है। इस गंभीर और शर्मनाक स्थिति पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए सांसद डॉ। अमोल कोल्हे ने सरकार की निष्क्रियता पर सवाल उठाए।
उन्होंने कहा कि कबूतरों के मामले में तुरंत कार्रवाई करने वाली सरकार ने 57 लोगों की जान जाने के बाद भी कोई ठोस कदम नहीं उठाया, जिसके बाद उन्हें सड़क जाम कर विरोध प्रदर्शन करना पड़ा। सांसद ने तेंदुए के हमले को राज्य आपदा घोषित करने की मांग की और मुख्यमंत्री से पूछा कि अगर केरल सरकार ऐसा कर सकती है, तो राज्य सरकार को इसमें क्या आपत्ति है।
आंबेगांव तहसील के पिंपलगांव घोड़ा में रविवार तड़के दो तेंदुए के हमले में छह बकरियां मारी गई, जिससे 70 से 80 हजार रुपये का नुकसान हुआ। यह घटना खेत मजदूरी करने वाली चंद्रकला ज्ञानेश्वर मधे के बाड़े में हुई।
इस इलाके में महिला किसान अश्विनी सुखदेव और नौवीं कक्षा के छात्र आशितोष लोहकरे पर तेंदुए ने हमला किया है, जिससे ग्रामीणों में गहरा डर व्याप्त है। वन परिक्षेत्र अधिकारी कुणाल लिम्बकर ने जल्द ही तेंदुए को पकड़ने के लिए पिंजरे लगाने का वादा किया है।
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पिंपरी पेंढार (तहसील जुन्नर) के घाडगेपट क्षेत्र में किसान उत्तम खर्गे के केले के बागान में लगाए गए पिंजरे में रविवार को तीन वर्ष की एक मादा तेंदुआ कैद हो गई। वन विभाग को पिछले 10 दिनों में दूसरी सफलता मिली है। वनरक्षक अनिल सोनवणे ने जानकारी दी कि पकड़ी गई मादा तेंदुए को माणिकडोह स्थित तेंदुआ आश्रय केंद्र ले जाया गया है।






