पिंपरी-चिंचवड़ की जनता को महात्मा गांधी स्मारक का इंतजार, पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा

Mahatma Gandhi memorial: पिंपरी-चिंचवड़ महानगरपालिका की ओर से आदित्य बिड़ला समूह के जरिए राष्ट्रपिता महात्मा गांधी का अंतरराष्ट्रीय दर्जे का स्मारक बनाया जा रहा है।
पिंपरी-चिंचवड़ की जनता को महात्मा गांधी स्मारक का इंतजार
पिंपरी-चिंचवड़ की जनता को महात्मा गांधी स्मारक का इंतजार (सौजन्यः सोशल मीडिया)
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Pimpri-Chinchwad Municipal Corporation: पिंपरी-चिंचवड़ महानगरपालिका की ओर से आदित्य बिड़ला समूह के जरिए राष्ट्रपिता महात्मा गांधी का अंतरराष्ट्रीय दर्जे का स्मारक बनाया जा रहा है। इस परियोजना को 19 जून 2019 की महापालिका की जनरल बॉडी में मंजूरी दी गई थी। लेकिन, पिछले 6 वर्षों से यह काम बेहद धीमी गति से चल रहा है।

शहरवासियों को अब भी गांधी स्मारक के पूरा होने का इंतजार है। आदित्य बिड़ला समूह की संचालिका राजश्री बिड़ला ने 12 दिसंबर 2018 को पिंपरी-चिंचवड़ महानगरपालिका को पत्र लिखा था। इसमें उन्होंने कहा था कि यदि महापालिका दो एकड़ भूमि उपलब्ध कराए, तो उस जमीन पर गांधी स्मारक का निर्माण, रखरखाव और मरम्मत का सारा खर्च कंपनी वहन करेगी।

पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा

लेकिन स्मारक का स्वामित्व और नियंत्रण महानगरपालिका के पास ही रहेगा। इस प्रस्ताव के अनुसार महापालिका ने बिड़ला समूह को पिंपरी के सिटी सर्वे नंबर 4694 के तहत मंजूर किए गए नक्शे के अनुसार सुविधा भूखंड और महावितरण उपकेंद्र के लिए आरक्षित 6,806 वर्गमीटर (करीब दो एकड़) क्षेत्र उपलब्ध कराया था। इस भूखंड का हस्तांतरण इसलिए किया गया, ताकि पिंपरी-चिंचवड शहर में पर्यटन को बढ़ावा मिले और महात्मा गांधी के विचारों का प्रसार हो सके।

काम धीमी गति से चलने पर उठने लगे सवाल

19 जून 2019 को महापालिका की जनरल बॉडी में महात्मा गांधी की पूर्णाकृति प्रतिमा स्थापित करने का प्रस्ताव भी पारित किया गया।इसके लिए पुराने पुणे-मुंबई महामार्ग पर भूखंड मंजूर किया गया। महानगरपालिका के भूमि संपादन विभाग ने यह भूखंड आदित्य बिड़ला समूह को सौंप दिया और एक औपचारिक अनुबंध भी किया।

महानगरपालिका आयुक्त एवं प्राशासक शंखार सिंह ने आदित्य बिडला समूह के पदाधिकारियों के साथ स्मारक कार्य की प्रगति को लेकर बैठक की है। बिड़ला समूह ने निर्माण कार्य के लिए टेंडर प्रक्रिया भी पूरी कर ली है और काम शुरू कर दिया है। लेकिन, स्मारक निर्माण की गति अब भी बेहद धीमी बताई जा रही है।

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