

Manipur Violence News : मणिपुर की धरती एक बार फिर हिंसा और आगजनी की लपटों से झुलस उठी है। इस बार अशांति का केंद्र उखरुल जिला बना है, जहां दो आदिवासी समुदायों के बीच उपजे मामूली विवाद ने देखते ही देखते उग्र रूप धारण कर लिया। ताजा घटनाक्रम में सशस्त्र उग्रवादियों ने कई मकानों और वाहनों को आग के हवाले कर दिया, जिससे पूरे इलाके में दहशत का माहौल है।
हिंसा की शुरुआत लिटान गांव में हुई, जहाँ लोगों के एक समूह ने तंगखुल नगा समुदाय के एक व्यक्ति पर हमला कर दिया था। वैसे, शुरुआत में मामला सुलझता हुआ दिख रहा था और दोनों पक्ष पारंपरिक तरीकों से समाधान निकालने पर सहमत हुए थे। लेकिन रविवार को निर्धारित बैठक होने के बजाय हिंसा भड़क उठी। आरोप है कि पास के सिकिबुंग गांव के लोगों ने लिटान सारेइखोंग के मुखिया के आवास पर हमला कर दिया। इसके बाद मध्यरात्रि में कुकी उग्रवादियों ने कथित तौर पर तंगखुल नगा समुदाय के कई घरों को आग लगा दी। प्रतिशोध में दूसरे पक्ष की ओर से भी कुकी समुदाय के घरों को निशाना बनाया गया।
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो डरावनी तस्वीर पेश कर रहे हैं। इनमें हथियारबंद लोग सरेआम अत्याधुनिक हथियारों से हवा में गोलियां चलाते और घरों-गाड़ियों को जलाते नजर आ रहे हैं। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए जिला मजिस्ट्रेट आशीष दास ने उखरुल में अनिश्चितकालीन कर्फ्यू लागू कर दिया है। रविवार शाम से ही लोगों के घरों से निकलने पर पूरी तरह पाबंदी लगा दी गई है।
कानून व्यवस्था को काबू में करने के लिए महादेव, लंबुई और शांगकाई जैसे संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं। उपद्रवियों को तितर-बितर करने के लिए सुरक्षा बलों को आंसू गैस के गोले भी दागने पड़े। वर्तमान में अधिकारी नुकसान का आकलन कर रहे हैं और संदिग्ध गतिविधियों पर पैनी नजर रखी जा रही है। मणिपुर की सबसे बड़ी नगा जनजाति तंगखुल और कुकी समुदाय के बीच बढ़ते इस तनाव ने राज्य की शांति बहाली की कोशिशों को फिर से बड़े संकट में डाल दिया है।