Pune News: सुप्रिया सुले ने बोला सरकार पर हल्ला, जल जीवन मिशन का 70% काम अधूरा

सांसद सुप्रिया सुले हर 2-3 महीने में अपने पुणे के दौरे पर आते है। गुरुवार को पुणे जिला परिषद में समीक्षा के दौरान उन्होंने आरोप लगाया है कि जल जीवन मिशन के अंतर्गत जिले में अभी 70 फीसदी काम अधूरे हैं।
Supriya Sule News
सुप्रिया सुले (Image- Social Media )
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Pune News In Hindi: सांसद के तौर पर मैं हर दो-तीन महीने में पुणे जिला परिषद और पुणे महापालिका जाकर कामकाज की समीक्षा करती हूं। गुरुवार को पुणे जिला परिषद में सभी कार्यों की समीक्षा के दौरान यह पता चला कि जल जीवन मिशन के तहत राज्य और पुणे जिले में 70% काम अभी भी अधूरे हैं और जो काम पूरे हो चुके हैं उनकी गुणवत्ता भी सही नहीं है।

मैंने जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी गजानन पाटिल को इन कामों को तुरंत पूरा करने के निर्देश दिए हैं। यह जानकारी सुप्रिया सुले ने दी है। सुप्रिया सुले ने गुरुवार को जिला परिषद में महाराष्ट्र जीवन प्राधिकरण के अधिकारियों के साथ बैठक के बाद पत्रकारों से बातचीत कर रही थी। उन्होंने कहा कि केवल जल जीवन मिशन ही नहीं बल्कि जिले के कई स्कूलों में शिक्षकों की कमी और स्कूल के कमरों की मरम्मत नहीं होने जैसे मुद्दों पर भी प्रशासन का ध्यान आकर्षित किया गया।

क्रिकेट पर सरकार की भूमिका पर सवाल एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि हम भारत सरकार से पूछेंगे कि क्या उन्होंने क्रिकेट मैचों के संबंध में अपनी भूमिका बदल दी है। एक तरफ आप कहते हैं कि पानी और खून एक नहीं होते और दूसरी तरफ आप क्रिकेट खेलते हैं? हम कितनी बार जगदाले के घर गए हैं, उन्होंने क्या देखा है, वे अभी भी दुःख में हैं। मैं राउत साहब से भी सवाल करूंगी कि सरकार को इसका जवाब देना चाहिए। एक अन्य सवाल के जवाब में कहा कि हम नेपाल में फंसे महाराष्ट्र के नागरिकों को वापस लाने के लिए केंद्र सरकार से संपर्क कर रहे हैं। हमारी पार्टी के कई नेताओं के नेपाल में अच्छे संबंध हैं और हम वहां शांति स्थापित करने के लिए भी प्रयास करेंगे।

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आरक्षण और राजनीति पर भी की टिप्पणी

एक अन्य सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री को आरक्षण के मुद्दे पर जवाब देना चाहिए, क्योंकि लोगों को कुछ समझ नहीं आ रहा है। सरकार के लोग चुनौती दे रहे हैं, लेकिन यह मुश्किल है। विज्ञापनों का कार्यान्वयन भी होना चाहिए। कुछ लोगों के बयानों से माहौल खराब हो रहा है।

सरकार को कड़वाहट नहीं बढ़ानी चाहिए। सुले ने सवाल उठाया कि क्या सरकार में बिना कोर्ट-कचहरी के न्याय नहीं मिलता ? उन्होंने कहा कि आरक्षण के संबंध में जो सर्कुलर जारी किया गया था उसे सभी को विश्वास में लेकर जारी किया जाना चाहिए था। अब चूंकि यह जीआर (सरकारी संकल्प) सरकार ने जारी कर दिया है तो उन्हें ही इसका जवाब देना चाहिए। स्थानीय निकाय चुनावों के बारे में सुले ने कहा कि कांग्रेस और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी कई बार अलग-अलग चुनाव लड़ी हैं। हमें ठाकरे के बारे में कोई समस्या नहीं है। हमारा निर्णय चर्चा के बाद आता है। जो राज्य के हित में होगा और हमारी विचारधारा के साथ मेल खाएगा, हम उसके साथ जाएंगे।

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