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पिंपरी: पिंपरी-चिंचवड़ महानगरपालिका (Pimpri-Chinchwad Municipal Corporation) ने इस साल स्वच्छ सर्वेक्षण (Swachh Survekshan) के लिए ठोस प्रयास किया है। एक स्वच्छ सर्वेक्षण दल ने हाल ही में एक सर्वेक्षण (Survekshan) किया। उसके बाद भी प्रशासन शहर को साफ-सुथरा रखने के लिए विशेष प्रयास कर रहा है। इसके तहत अब नागरिकों को नो पार्किंग में पार्किंग करने, सड़क पर कूड़ा फेंकने, थूकने, गंदगी फैलाने पर मौके पर ही जुर्माना भरना होगा। इसके लिए महानगरपालिका द्वारा नियुक्त ग्रीन मार्शल (Green Marshal) को मौके पर ही नागरिकों से कार्ड पेमेंट या बारकोड स्कैन कर पेनल्टी वसूलने की सुविधा मुहैया कराई जाएगी।
अतिरिक्त आयुक्त विकास ढकने ने इस बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि पिंपरी-चिंचवड़ महानगरपालिका कमिश्नर और प्रशासक राजेश पाटिल ने शहर को साफ-सुथरा रखने के लिए विशेष प्रयास किए हैं। स्वच्छ शहर सर्वेक्षण जैसी चीजों पर करोड़ों रुपए खर्च किए गए हैं। महानगरपालिका प्रशासन स्वच्छ सर्वेक्षण में टॉप थ्री में रहने की मंशा जाहिर कर रहा है। इस बीच, शहर के विभिन्न हिस्सों में महानगरपालिका द्वारा शहर के विभिन्न हिस्सों में ग्रीन मार्शलों को नियुक्त किया गया है, ताकि वे खुले में कूड़ा न डालें, सड़क पर न थूकें, गंदगी न फैलाएं या नो पार्किंग में पार्किंग न करें और अच्छे नागरिक बनें।
शहर में वर्तमान में 32 ग्रीन मार्शल टीमें काम कर रही हैं। इस टीम के माध्यम से नियम तोड़ने वाले नागरिकों पर नकद जुर्माना लगाया जा रहा है। हालांकि, कई नागरिक पैसे की कमी के आधार पर जुर्माना भरने से बचने के तरीके लेकर आए हैं। इसलिए, अब ग्रीन मार्शल को एक डिवाइस नियम तोड़ने वाले नागरिकों से कार्ड भुगतान या बारकोड को स्कैन करके दंड का भुगतान करने की सुविधा के साथ उपलब्ध होगा। इसके साथ ही यदि संबंधित नागरिकों के पास ये सुविधाएं नहीं हैं तो उनका नाम, फोटो, मोबाइल नंबर लिया जाएगा और जुर्माने की राशि उनके खाते में दर्ज की जाएगी।
अतिरिक्त आयुक्त विकास ढाकने ने कहा कि यह राशि आयकर प्राप्तियों या अन्य मामलों से जुड़ी होगी। शहर में इस समय ग्रीन मार्शल की 32 टीमें काम कर रही हैं। इस टीम के 16 सदस्य सुबह और शाम 04 बजे नागरिकों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई करेंगे। इसका उद्देश्य न केवल जुर्माना वसूलना है, बल्कि नागरिकों में अच्छी आदतें डालना भी है। उन्होंने कहा कि शुरुआत में इस परियोजना को तीन महीने के लिए पायलट आधार पर लागू किया जाएगा।