- Hindi News »
- Maharashtra »
- Pune »
- Due To Lack Of Control Most Of The Municipal Corporation Officers And Employees Come And Go To The Office As Per Their Convenience
Pune MNC में ‘कभी भी आओ-कभी भी जाओ’ संस्कृति हावी, बायोमेट्रिक बंद होने से लौट आई ढिलाई
- Written By: अपूर्वा नायक
Pune MNC में साढ़े 3 साल से चल रहे प्रशासकीय राज के दौरान अनुशासन की कमी साफ तौर पर देखी जा सकती है। किसी का कोई कंट्रोल नहीं होने के कारण ज्यादातर मनपा अधिकारी अपनी मर्जी से ऑफिस आते हैं।

(फाइल फोटो)
Pune News In Hindi: पुणे मनपा में साढ़े तीन साल से चल रहे प्रशासकीय राज के दौरान अनुशासन का अभाव स्पष्ट रूप से दिखाई दिया। किसी का नियंत्रण नहीं होने के कारण अधिकांश अधिकारी और कर्मचारी अपनी सुविधा के अनुसार कार्यालय आते-जाते हैं।
इस अनुशासनहीनता का सबसे बड़ा खामियाजा आम नागरिकों को उठाना पड़ रहा है। काम के लिए जो लोग महापालिका जाते हैं, उन्हें अपने काम के लिए कई बार चक्कर लगाने पड़ते हैं। राज्य सरकार ने हाल ही में सरकारी कार्यालयों के लिए पांच दिवसीय कार्य सप्ताह लागू करते हुए कामकाज का समय बढ़ा दिया है।
नई समय-सारणी के अनुसार पुणे महानगरपालिका का कार्यालयीन समय सुबह 9:45 बजे से शाम 6:15 बजे तक तय किया गया है। जबकि क्लर्क और कर्मचारी वर्ग के लिए 15 मिनट पहले उपस्थित होना अनिवार्य है, लेकिन वास्तविकता इससे बिल्कुल विपरीत है। सुबह 10 बजे से पहले शायद ही कोई कर्मचारी कार्यालय पहुंचते हैं।
सम्बंधित ख़बरें
नशे में धुत युवाओं का रात भर हंगामा… हॉलीवुड की इस फिल्म जैसी थी पुणे की रेव पार्टी, जांच में बड़ा खुलासा
राजस्व विभाग में बड़े फर्जीवाड़े का पर्दाफाश, नकली सरकारी सील और फर्जी दस्तखत से चल रहा था करोड़ों का खेल
पुणे ग्रैंड टूर 2027 की तैयारी तेज, 262 करोड़ रुपये से 151 किमी सड़कों का होगा उन्नयन
Pune Water Crisis: मानसून की देरी ने बढ़ाई चिंता, पुणे में पानी बचाने के लिए सख्त प्रतिबंधों की तैयारी
विभाग प्रमुख ही नजर नहीं आते
- कई अधिकारी और कर्मचारी 11 बजे से दोपहर 12 बजे के बीच कार्यालय आते हैं और शाम 4 बजे से ही घर लौटने की तैयारी शुरू कर देते हैं।
स्थिति इतनी लचर है कि कई विभागों के प्रमुख, जिन पर कर्मचारियों पर निगरानी की जिम्मेदारी है, वे खुद कार्यालय में कम ही दिखाई देते हैं।। - ऐसे में यह सवाल उठता है कि जब प्रमुख ही अनुपस्थित हैं तो कार्रवाई कौन करेगा? लेट आने वाले कर्मचारियों पर नजर कौन रखेगा ?
इसकी वजह से महापालिका भवन के विभिन्न विभागों में ‘कभी भी आओ, कभी भी जाओ’ जैसी संस्कृति घर कर गई है और लगता है यहां की संस्कृति बनती जा रही है। - कुछ समय पहले तत्कालीन अतिरिक्त आयुक्त रवींद्र बिनवडे ने अनुशासन बनाए रखने के मकसद से बायोमेट्रिक उपस्थिति के आधार पर वेतन देने का निर्णय लिया था।
- उन्होंने स्पष्ट किया था कि जो कर्मचारी निर्धारित समय पूरा नहीं करेंगे, उनके वेतन में कटौती की जाएगी।
- सख्ती के बाद अधिकारी समय पर उपस्थिति दर्ज कराने के लिए लाइन में लगने लगे थे, लेकिन बिनवडे के स्थानांतरण के बाद फिर से पुरानी स्थिति लौट आई है।
सूत्रों के अनुसार, पिछले तीन महीने से बायोमेट्रिक सिस्टम बंद है, क्योंकि मशीनों के रखरखाव के टेंडर की अवधि समाप्त हो चुकी है। इस वजह से अब उपस्थिति का कोई रिकॉर्ड नहीं रखा जा रहा है और कर्मचारी बेफिक्र होकर अपनी सुविधा से कार्यालय आ रहे हैं और जा रहे है।
ये भी पढ़ें :- राज ठाकरे के करीबी रहे नेता को BJP ने बड़े मंथन के बाद किया एक्सेप्ट, क्या बदलेगा सियासी गणित?
महापालिका में प्रशासक राज के चलते नई विस्तारित इमारत में पदाधिकारियों के कार्यालय बंद हैं। इस वजह से दूसरी मंजिल पर नागरिकों की आवाजाही बहुत कम रहती है। इसका फायदा उठाते हुए कई महिला कर्मचारी दोपहर के भोजन के बाद घंटों उस मंजिल पर टहलती रहती हैं, जिससे यह हिस्सा अब ‘वॉकिंग प्लाजा’ कहलाने लगा है।
Due to lack of control most of the municipal corporation officers and employees come and go to the office as per their convenience
Get Latest Hindi News , Maharashtra News , Entertainment News , Election News , Business News , Tech , Auto , Career and Religion News only on Navbharatlive.com
Topics:
लेटेस्ट न्यूज़
अभियान बहुत, असर कम! नागपुर में नहीं थम रहा प्रतिबंधित प्लास्टिक का उपयोग; प्रशासन पर उठे सवाल
Jun 09, 2026 | 04:28 PMअकोला मेडिकल कॉलेज की बदहाली पर कांग्रेस का हमला, प्रकाश तायडे ने भाजपा को ठहराया जिम्मेदार
Jun 09, 2026 | 04:26 PMदेवस्थान इनाम उन्मूलन कानून का मसौदा स्थगित; नासिक में मनसे और हिंदुत्ववादी संगठनों के आंदोलन का बड़ा असर
Jun 09, 2026 | 04:26 PMTMC बागी सांसदों पर भड़के कीर्ति आजाद, बोले- जिस थाली में खाया, उसमें ही खेद कर रहे
Jun 09, 2026 | 04:23 PMदीदी छोड़ मोदी के शरण में बागी… दिल्ली की सीक्रेट मीटिंग पर भड़के कल्याण बनर्जी, बोले- दबाव में है लोकतंत्र
Jun 09, 2026 | 04:22 PMDhamaal 4 का पहला लुक जारी, अजय देवगन-रितेश देशमुख की गैंग लौटी, पोस्टर से गायब दिखे संजय दत्त और असरानी
Jun 09, 2026 | 04:14 PMछात्रों की जान से खिलवाड़? फायर सेफ्टी नहीं, रजिस्ट्रेशन नहीं; फिर भी धड़ल्ले से चल रहे हॉस्टल
Jun 09, 2026 | 04:14 PMवीडियो गैलरी

वाराणसी में मांस-मछली बेचने वालों पर नगर निगम ने चलाया हंटर, सभी दुकानों पर लगा ताला, देखें VIDEO
Jun 08, 2026 | 10:51 PM
TMC टूटेगी या बचेगी? दो-तिहाई बहुमत का वो आंकड़ा…जो तय करेगा कि तृणमूल कांग्रेस का वजूद- VIDEO
Jun 08, 2026 | 10:48 PM
इतिहास रचने को तैयार एलन मस्क, 1 ट्रिलियन डॉलर की नेटवर्थ का पूरा सच उड़ा देगा आपके होश, देखें VIDEO
Jun 08, 2026 | 10:40 PM
हरिद्वार में ‘बिरयानी’ पर भारी बवाल, सड़कों पर उतरे साधु-संतों ने दी चेतावनी, VIDEO वायरल
Jun 08, 2026 | 10:20 PM
MP की तीसरी राज्यसभा सीट पर मचा सियासी संग्राम! BJP ने जीत का किया दावा, टूटेंगे कांग्रेस के विधायक? VIDEO
Jun 08, 2026 | 09:43 PM
Gold Crash: जंग के बावजूद क्यों सस्ता हो रहा सोना-चांदी? जानिए असली वजह! VIDEO
Jun 08, 2026 | 07:05 PM














