
देवेंद्र फडणवीस और अजित पवार (सौ. सोशल मीडिया )
Maharashtra Local Body Election: राज्य में महायुति होने के बावजूद प्रभाग (वार्ड) रचना में बीजेपी ने राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी को विश्वास में नहीं लिया। नेता एक साथ चुनाव लड़ने की चर्चा कर रहे हैं लेकिन जमीन पर पुणे में स्थिति बिल्कुल अलग है।
राज्य की सत्ता के लिए बीजेपी के साथ गई राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) को पुणे में तगड़ा झटका लगने की आशंका है। एनसीपी ने बीजेपी को गठबंधन का प्रस्ताव दिया है।
एनसीपी ने 42 सीटों की मांग की है, लेकिन बीजेपी इन सीटों को भी देने के लिए तैयार नहीं है। बीजेपी की तरफ से ‘ना’ की घंटी बजने से एनसीपी पदाधिकारियों में घबराहट है।
राज्य में तीन साल पहले राजनीतिक उथल-पुथल हुई और शिवसेना और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी में फूट पड़ गई। एकनाथ शिंदे और अजीत पवार के नेतृत्व में क्रमशः शिवसेना और एनसीपी का बड़ा समूह बीजेपी के साथ सत्ता में चला गया।
ढाई साल तक राज्य की सत्ता में प्रमुख पदों का स्वाद चखने के बाद हुए विधानसभा चुनाव में बीजेपी सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी। इसलिए, एकनाथ शिंदे का मुख्यमंत्री पद अल्पकालिक साबित हुआ जबकि अजीत पवार को पांचवी बार उपमुख्यमंत्री पद से संतोष करना पड़ा।
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