जाते-जाते दिल जीत गए थे अजित; चाचा शरद पवार से गिले-शिकवे दूर कर चुके थे ! इन बातों से मिले संकेत

Ajit Pawar Death : अजित पवार का आज सुबह एक दर्दनाक विमान हादसे में निधन हो गया। जाते-जाते उन्होंने अपने राजनीतिक गुरु और चाचा शरद पवार के साथ सभी पुराने मतभेदों को सुलझा लिया था।
Ajit Pawar Sharad Pawar Supriya Sule
अजित पवार के साथ सुप्रिया सुले व शरद पवार (सोर्स: सोशल मीडिया)
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Ajit Pawar Sharad Pawar Differences Resolved: अजित पवार का आज सुबह एक दर्दनाक विमान हादसे में निधन हो गया। महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार बारामती जा रहे थे, तभी उनका विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया। इस घटना ने बारामती और महाराष्ट्र समेत पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। इस दुखद हादसे से पहले अजित पवार ने अपने राजनीतिक गुरु शरद पवार से मुलाकात कर सभी गिले-शिकवे दूर कर लिए थे।

बीजेपी सरकार को समर्थन देने के बाद भले ही एनसीपी में राजनीतिक विभाजन हो गया था, लेकिन अजित पवार ने धीरे-धीरे अपने पारिवारिक रिश्तों को फिर से मजबूत करना शुरू कर दिया था। पार्टी के दो गुटों में बंटने के बावजूद, एनसीपी ने महाराष्ट्र निकाय चुनाव मिलकर लड़े थे। वहीं, अजित पवार कई सार्वजनिक मंचों पर अपनी बहन सुप्रिया सुले और चाचा शरद पवार के प्रति सम्मान व्यक्त करते हुए भी नजर आए थे।

महाराष्ट्र की राजनीति के 'भीष्म पितामह' कहे जाने वाले शरद पवार और उनके भतीजे अजित पवार के बीच पिछले कुछ समय से चल रही तल्खी अब खत्म होती नजर आ रही थी। प्राप्त जानकारी के अनुसार, अजित पवार ने अपने राजनीतिक गुरु शरद पवार से मुलाकात कर सभी गिले-शिकवे दूर कर लिए थे।

राजनीतिक गुरु के प्रति जताया सम्मान

अजित पवार हमेशा से शरद पवार को अपना राजनीतिक आदर्श और गुरु मानते रहे थे। सत्ता संघर्ष और एनसीपी (NCP) में विभाजन के बावजूद, अजित पवार ने कई मौकों पर सार्वजनिक रूप से शरद पवार के प्रति सम्मान व्यक्त किया। आगामी चुनावों और राज्य की बदलती राजनीतिक परिस्थितियों के बीच, अजित पवार ने अपने पुराने मतभेदों को पीछे छोड़कर अपने गुरु का आशीर्वाद लेना उचित समझा।

NCP के दोनों गुट एक साथ लड़े मनपा चुनाव!

NCP के दो गुटों में बंटने के बाद, अजित पवार के अपने चाचा शरद पवार और चचेरी बहन सुप्रिया सुले के साथ तनावपूर्ण रिश्ते बेहतर होने लगे थे। यही वजह थी कि NCP के दोनों गुटों ने पुणे और पिंपरी चिंचवड़ महानगरपालिका का चुनाव एक साथ लड़ा। सुप्रिया सुले ने खुद घोषणा की थी कि वे नगर निगम चुनाव एक साथ लड़ेंगे।

जब NCP दो गुटों में बंटी

जून 2023 में, जब अजित पवार ने NCP के एक बड़े गुट के साथ शिंदे-फडणवीस सरकार में शामिल होने का फैसला किया, तो परिवार और पार्टी दो गुटों में बंट गई। लेकिन इस हालिया सुलह से पार्टी कार्यकर्ताओं के बीच भी एक सकारात्मक संदेश गया था। यह ध्यान देने वाली बात है कि अजित पवार के नाम महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री बनने का सबसे ज़्यादा बार रिकॉर्ड है। वे 6 बार महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम बने।

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