अजित पवार ने चाचा शरद पवार से सीखा था राजनीति का ककहरा, फिर बने महाराष्ट्र की राजनीति के ‘दादा’

Ajit Pawar Death News: अपने चाचा शरद पवार के साथ राजनीति का ककहरा सीखने के बाद अजित पवार 4 दशक से अधिक समय से महाराष्ट्र की राजनीति का अहम चेहरा बने थे। वह राज्य के 8वें उपमुख्यमंत्री रहे।
Maharashtra Deputy CM Ajit Pawar dies in a tragic plane crash at Baramati airport. Five others killed in the accident during landing. Get live updates.
अजित पवार।
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Ajit Pawar News: महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के नेता अजित पवार का बारामती में विमान हादसे में निधन हो गया। वह बारामती में जिला परिषद चुनाव के प्रचार के लिए गए थे। लैंडिंग के दौरान उनका प्लेन क्रैश हो गया। प्लेन में 6 लोग सवार थे। गंभीर रूप से घायल अजित गंभीर का निधन हो गया। हादसा आज सुबह 8.45 बजे हुआ।

चाचा शरद पवार के साथ राजनीति का ककहरा सीखने के बाद अजित पवार 4 दशक से अधिक समय से महाराष्ट्र की राजनीति का अहम चेहरा थे। वह राज्य के 8वें उपमुख्यमंत्री रहे। उन्होंने अलग-अलग सरकारों में मंत्री के रूप में काम किया था। अजित का जन्म 22 जुलाई 1959 को महाराष्ट्र के अहमदनगर जिले में हुआ था। वह एनसीपी प्रमुख शरद पवार के बड़े भाई अनंतराव पवार के बेटे थे। उनके पिता राजकमल स्टूडियो में काम करते थे।

1980 के दशक में रखा था राजनीति में कदम

अपने समर्थकों के बीच दादा नाम से पुकारे जाने वाले अजित पवार ने 1980 के दशक में चाचा शरद की छत्रछाया में राजनीति में कदम रखा था। 1991 में उन्हें पहली चुनावी सफलता तब मिली, जब उन्होंने बारामती लोकसभा सीट पर जीत हासिल की। उन्होंने कुछ समय बाद अपने चाचा के लिए पद से इस्तीफा दे दिया था। फिर शरद ने यहां के उपचुनाव में जीत हासिल की। वो पीवी नरसिम्हा राव की तत्कालीन केंद्र सरकार में रक्षा मंत्री बने।

राजनीतिक सफर

1995 में अजित पवार पहली बार पुणे जिले में बारामती विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र से विधायक बने थे। इसके बाद से वो लगातार इस निर्वाचन क्षेत्र के विधायक चुने जाते रहे। उन्होंने 1995, 1999, 2004, 2009, 2014, 2019, 2024 में विधायक बने। उन्होंने राजनीतिक जीवन में खुद को स्थापित नहीं किया, बल्कि अपनी पकड़ भी बनाई।

शरद पवार दिल्ली से हुए रवाना

विमान हादसे में शरद पवार की मौत की सूचना मिलने के बाद उनके चाचा शरद पवार दिल्ली से बारामती के लिए रवाना हो गए हैं। उनके साथ सुप्रिया सुले भी रवाना हुईं। साथ में सुनेत्रा पवार और पार्थ पवार भी हैं। देशभर के राजनेता उनके निधन पर शोक जता रहे हैं। बारामती की जनता उनके निधन से काफी दुखी है। घटनास्थल पर लोगों की काफी अधिक भीड़ उमड़ी हुई है।

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