Nashik Kumbh Mela (सोर्सः सोशल मीडिया)
Sadhugram Planning: अगले वर्ष नासिक और त्र्यंबकेश्वर में आयोजित होने वाले सिंहस्थ कुंभ मेले की तैयारियों ने गति पकड़ ली है। विभिन्न परियोजनाओं के लिए लगभग 2300 एकड़ भूमि के संपादन और अस्थायी अधिग्रहण की योजना प्रशासनिक स्तर पर तैयार की गई है। इन जमीनों के सर्वेक्षण और संबंधित तकनीकी कार्यों के लिए मनपा की महासभा ने लगभग 20 करोड़ रुपये के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है।
कुंभ मेले के दौरान रिंग रोड, राजमार्गों के विस्तार और रेलवे की बुनियादी सुविधाओं के अलावा साधुग्राम, वाहन पार्किंग और रैन बसेरों जैसी महत्वपूर्ण व्यवस्थाओं के लिए बड़े पैमाने पर जमीन की आवश्यकता होगी। नासिक-त्र्यंबकेश्वर कुंभ मेला प्राधिकरण के निर्देशों के अनुसार नगर रचना विभाग ने महापौर हिमगौरी आहेर-आडके की अध्यक्षता में आयोजित महासभा में संशोधित प्रस्ताव पेश किया।
प्रारंभिक योजना के तहत नासिक में 800 एकड़ और त्र्यंबकेश्वर में 219 एकड़ जमीन अधिग्रहित करने का प्रस्ताव था, जिसके सर्वेक्षण के लिए 12.02 करोड़ रुपये की मांग की गई थी। हालांकि कुंभ मेला प्राधिकरण के साथ हालिया चर्चा के बाद नासिक में 315.20 एकड़ और त्र्यंबकेश्वर में 462 एकड़ अतिरिक्त जमीन की आवश्यकता बताई गई।
इसके अलावा मनपा के निर्माण विभाग को पार्किंग और अन्य सुविधाओं के लिए लगभग 190 एकड़ जमीन की जरूरत होगी। इस तरह कुल 2283.20 एकड़ क्षेत्र के सर्वेक्षण के लिए 23.87 करोड़ रुपये का संशोधित अनुमान तैयार कर तकनीकी स्वीकृति ली गई।
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महासभा में दी गई जानकारी के अनुसार इस कार्य के लिए प्राप्त निविदा 17.05 प्रतिशत कम दर पर है, जिससे कुल खर्च लगभग 19 करोड़ 80 लाख रुपये होने का अनुमान है। इसमें से करीब 8 करोड़ रुपये का कार्यादेश पुणे की मोनार्क सर्वेयर्स एंड इंजीनियरिंग कंसल्टेंट को दिया गया है। कुंभ मेला प्राधिकरण की अंतिम प्रशासनिक मंजूरी की शर्त के साथ 19.80 करोड़ रुपये के खर्च को सदन ने सर्वसम्मति से मंजूरी दे दी है।