
नाशिक : घर-घर और चौक-चौक में बाप्पा के स्वागत की जोरदार तैयारी शुरू है। सभी के चहेते श्री गणेश (Shri Ganesh) का बुधवार को गाजे-बाजे के साथ आगमन होगा। इस साल श्री गणेश उत्सव 10 दिनों का होने से बाप्पा का स्वागत करने के लिए तैयारी पूरी हो चुकी है। मूर्ति प्राण प्रतिष्ठापना का मुहूर्त सुबह 8.32 बजे से दोपहर 12 बजे तक है।1 से 3 बजे तक राहुकाल रहेगा। श्री गणेशोत्सव सभी को पसंद है, जिसमें घर में प्रतिष्ठापना की जाने वाली मूर्ति 7 से 8 इंच उंची होती है। यह मूर्ति आसनस्थ और सुबक होती है। मूर्ति मिट्टी या शाडू की होना आवश्यक है।
बुधवार 31 अगस्त सुबह 8.30 बजे से 12 बजे तक श्री गणेश के मूर्ति की स्थापना और पूजा की जाएगी। इसके लिए कोई भी मुहूर्त और समय देखने की जरूरत नहीं है। सार्वजनिक गणेशोत्सव मंडलों के श्री गणेश मूर्ति की प्रतिष्ठापना मध्यान्ह कर सकते है। परिवार के प्रमुख व्यक्ति श्री गणेश की मूर्ति लाए। घर से निकलते समय एक तबक, गुलाल, जानवे, नया बड़ा रुमाल साथ ले। श्री गणेश की मूर्ति पसंद करने के बाद प्रथम मूर्ति पर थोड़ा गुलाल डालकर मंगलमूर्ति मोरया का गजर करते हुए तबका में मूर्ति रखे। जानवे पास में रखे, जिसे रुमाल से ढकते हुए श्री गणेश के साथ घर आए।
श्री गणेश की प्राण प्रतिष्ठापना जहां करनी हो वहा पर चावल रखते हुए उस पर श्री गणेश भगवान की मूर्ति रखे। श्री गणेश चतुर्थी के दिन अल सुबह उठकर स्नान करते हुए सोहले, कद, नया धोती पहने। माथे पर अष्टगंध लगाए। घर के भगवान की पूजा करें। इसके बाद श्री गणेश की प्राणप्रतिष्ठा करें। घर आए भगवान को पंचामृत से स्नान करवाकर उसकी पूजा करें। 21 दूर्वा की 21 जुड़ी का हार पहनाए। लाल रंग के फूलों का हार पहनाएं। इसके बाद श्री गणेश को मिष्ठान पदार्थों के साथ 21 मोदकों का भोग लगाए। परिवार के सभी सदस्य श्री गणेश की आरती करें। श्री गणेश उत्सव के 10 दिन सुबह और शाम को भोग लगाते हुए आरती करें।






