आरक्षण के नए नियमों से सियासी दलों में सन्नाटा (सौजन्यः सोशल मीडिया)
Local Body Elections: राज्य सरकार ने जिला परिषद और पंचायत समिति के समूहों और गणों के पिछले चक्रीय आरक्षण को रद्द करते हुए नई आरक्षण प्रक्रिया लागू करने का आदेश दिया है। अब, आरक्षण 2011 की जनगणना के अनुसार जनसंख्या के अवरोही क्रम में निर्धारित किया जाएगा। हालांकि, दूसरी ओर, सोशल मीडिया पर इसके तर्क के अनुसार इससे संबंधित जानकारी वायरल हो रही है। इस नई प्रक्रिया के कारण, आगामी चुनाव आरक्षण की दृष्टि से पहला चुनाव होगा।
इसलिए, सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि आरक्षण वास्तव में क्या होगा। चुनाव पर सभी की निगाहेंः समूहों के गठन को अंतिम रूप देने के बाद, अब सभी का ध्यान आरक्षण लॉटरी पर है। चूँकि नई चक्रीय पद्धति के बजाय 2011 की जनगणना के अनुसार जातिवार आंकड़े स्वीकार किए जाएंगे, इसलिए इस चुनाव में नए राजनीतिक समीकरण बनने की संभावना है। शेष तहसीलों के समूह ‘ओबीसी’ या सामान्य वर्ग के लिए ही रहेंगे।
कलवन, सुरगाणा में ‘एसटी’ बाहुल्य कलवन और सुरगाणा तहसील ‘एसटी’ बाहुल्य हैं, और यहां कुल 8 समूह आरक्षित होंगे। सुरगाना तहसील की जनसंख्या 1 लाख 75 हज़ार है, और यहां ‘एसटी’ के अलावा केवल 5 से 10 हजार लोग ही रहते हैं। इसलिए, यहां के सभी समूह आरक्षित कर दिए गए हैं। दिंडोरी में 6 समूह आरक्षित होने के कारण, सामान्य वर्ग के उम्मीदवारों की भीड़ उमड़ पड़ी है।
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