एकनाथ शिंदे का बड़ा बयान, 2027 तक 5 ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था में महाराष्ट्र देगा 1.5 ट्रिलियन डॉलर का योगदान

Eknath Shinde ने कहा कि महाराष्ट्र भारत की आर्थिक विकास यात्रा का नेतृत्व करता रहेगा। वर्ष 2027 तक देश के 5 ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था लक्ष्य में राज्य करीब 1.5 ट्रिलियन डॉलर का योगदान दे सकता है।
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उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे (सौ. नवभारत )
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Maharashtra Contribution In Indian Economy: महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने कहा है कि महाराष्ट्र भारत की विकास यात्रा का नेतृत्व करता रहेगा।

यदि वैश्विक आर्थिक परिस्थितियां स्थिर रहती हैं तो वर्ष 2027 तक भारत को 5 ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था के लक्ष्य में महाराष्ट्र लगभग 1.5 ट्रिलियन डॉलर का योगदान देगा।

यह बात उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने बीकेसी में आयोजित आर्किटेक्चर, डिजाइन और कंस्ट्रक्शन क्षेत्र के 3 दिवसीय सम्मेलन व प्रदर्शनी 'आईडैक एक्सपो' में कही। उन्होंने कहा कि मजबूत निवेश, औद्योगिक विस्तार और विश्वस्तरीय बुनियादी ढांचे के कारण महाराष्ट्र देश का ग्रोथ इंजन बना हुआ है।

मुंबई कोस्टल रोड, अटल सेतु, नवी मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट जैसे बड़े प्रोजेक्ट तथा उभरते लॉजिस्टिक्स और औद्योगिक हब महाराष्ट्र को भारत का सबसे गतिशील आर्थिक और निवेश केंद्र बना रहे हैं। डीसीएम शिंदे ने कहा कि महाराष्ट्र अभूतपूर्व विकास का नेतृत्व कर रहा है। राज्य में बड़े पैमाने पर बुनियादी ढांचा विकास के साथ तेजी से निवेश बढ़ रहा है।

हमने दावोस जैसे वैश्विक मंचों पर 30 लाख करोड़ रुपये के समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए हैं। जिनकी रूपांतरण दर 75 प्रतिशत से अधिक है। केवल 2026 में ही 2.96 लाख करोड़ रुपये के निवेश से लगभग 3 लाख नए रोजगार सृजित होने की उम्मीद है।

सरकार का किफायती आवास पर जोर : मंत्री भोयर

'आईडैक एक्सपो' में महाराष्ट्र के आवास, खनन, सहकार और स्कूली शिक्षा राज्य मंत्री पंकज भोयर ने समेकित विकास और आवास सुधारों के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि आवास केवल इमारतें बनाने तक सीमित नहीं है, यह परिवारों को सम्मान, सुरक्षा और अवसर प्रदान करने का माध्यम है। महाराष्ट्र सरकार तेजी से हो रहे शहरी विकास के साथ किफायती और टिकाऊ आवास व्यवस्था विकसित करने की दिशा में काम कर रही है।बड़े पैमाने पर पुनर्विकास, आवास सुधार और म्हाडा जैसी संस्थाओं के साथ सहयोग के माध्यम से हम यह सुनिश्चित करना चाहते हैं कि राज्य के बढ़ते शहरों में अधिक से अधिक नागरिकों को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण आवास उपलब्ध हो सके।

संरचनात्मक सुधारों पर जोर : जायसवाल

इस मौके पर म्हाडा के उपाध्यक्ष व सीईओ संजीव जायसवाल ने आवास को अधिक किफायती बनाने के लिए संरचनात्मक सुधारों की आवश्यकता पर जोर दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यदि प्रीमियम, विकास शुल्क और आवास विकास से जुड़े अन्य खर्चों को तर्कसंगत बनाया जाए, तो मुंबई जैसे शहरों में किफायती आवास बनाने में तेजी आ सकती है।

मंजूरी प्रक्रिया हो सरल : हाफिज

प्रसिद्ध वास्तुकार हाफिज कॉन्ट्रैक्टर ने भी शहरी विकास में नीतिगत सुधारों के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि यदि मंजूरी प्रक्रियाओं को सरल बनाना होगा। इसके अलावा नियोजन नियमों में सुधार किया जाए तो मुंबई जैसे शहर बेहतर डिजाइन, अधिक खुले स्थान और कुशल विकास के साथ उच्च घनत्व को भी संभाल सकते हैं। अंततः नीतिगत ढांचा ही तय करता है कि हमारे शहर किस प्रकार विकसित होंगे।

मुंबई से नवभारत लाइव के लिए सूर्यप्रकाश मिश्र की रिपोर्ट

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