नासिक में पुरानी साड़ियों से बन रहीं थैलियां, पर्यावरण जागरूकता की नई मिसाल; प्लास्टिकमुक्त शहर की पहल

Nashik Kumbh Eco Initiative: नासिक में सिंहस्थ कुंभ की पृष्ठभूमि में आदियोगी फाउंडेशन ने पुरानी साड़ियों से थैलियां बनाकर मुफ्त वितरण का अभियान शुरू किया है, जिससे प्लास्टिकमुक्त शहर को बल मिल रहा है।
Bags Being Crafted from Old Sarees in Nashik: A New Benchmark in Environmental Awareness; An Initiative for a Plastic-Free City
Nashik Plastic Free Campaign ( सोर्स: सोशल मीडिया )
Published on
Updated on

Nashik Plastic Free Campaign: नासिक सिंहस्थ कुंभमेले की पृष्ठभूमि में नासिक महानगरपालिका के प्लास्टिकमुक्त संकल्प को सहयोग देते हुए श्री आदियोगी फाऊंडेशन ने "जुसापी पुरानी साड़ी की थैली" नामक अभिनव उपक्रम शुरू किया है।

इस पहल के माध्यम से शहर में पर्यावरण के प्रति जागरूकता की एक नई लहर देखी जा रही है। इस उपक्रम की सबसे बड़ी विशेषता इसका सरल और प्रभावी होना है।

फाऊंडेशन की महिला सदस्यों ने घर में उपयोग में न आने वाली पुरानी साड़ियों को एकत्रित कर उनसे आकर्षक और मजबूत थैलियां सिली हैं। इन थैलियों को कलानगर, इंदिरानगर के सब्जी बाजारों और किराना स्टोर्स पर आम नागरिकों को बिना किसी शुल्क के वितरित किया जा रहा है। यह अभियान एक तरफ प्लास्टिक थैलियों का विकल्प दे रहा है, तो दूसरी तरफ पुराने कपड़ों के निपटान का उपयोगी तरीका भी बता रहा है।

कुंभ मेले के लिए बड़ा संदेश

नितीन पाटील के अनुसार, आगामी कुंभमेले में लाखों की भीड़ जुटेगी। ऐसे में अगर अभी से कपड़े की थैली की आदत विकसित की गई, तो कुंभमेला क्षेत्र को प्लास्टिक प्रदूषण से बचाया जा सकेगा। फाऊंडेशन का लक्ष्य आने वाले समय में शहर के हर प्रमुख बाजार तक इन थैलियों को पहुंचाना है।

महिला शक्ति का योगदान

नितिन पाटील की संकल्पना को धरातल पर उतारने में फाऊंडेशन की महिला सदस्यों ने अग्रणी भूमिका निभाई है। मनीषा बोरसे-पाटील, सुनीता खोडे, बिनीता गोवर्धने, गायत्री खोडे, वैशाली बच्छाव और सुनीता खैरनार जैसी सदस्यों ने खुद मेहनत कर इन थैलियों का निर्माण और वितरण किया है।

अभियान की मुख्य बातें

संस्थाः श्री आदियोगी फाऊंडेशन, नासिक।

उपक्रम का नामः जुसापी (जुनी साडी पिशवी)।

प्रमुख क्षेत्रः इंदिरानगर, कलानगर और सब्जी बाजार।

उद्देश्यः प्लास्टिक मुक्त कुंभमेला और पर्यावरण संरक्षण।

अपीलः बाजार जाते समय खुद की कपड़े की थैली साथ रखें।

Navbharat Live: Hindi News
navbharatlive.com