नासिक बनेगा इंडस्ट्रियल हब!CPRI लैब और डिफेंस इनोवेशन सेंटर, नासिक में तेजी से बढ़ेगा निवेश

Nashik M&M Project: निमा अध्यक्ष आशीष नहार ने नासिक को औद्योगिक निवेश हब बनाने की प्रतिबद्धता जताई। M&M परियोजना, CPRI लैब, ड्राई पोर्ट और डिफेंस इनोवेशन सेंटर को विकास के प्रमुख कदम बताया गया।
नासिक इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट
प्रतीकात्मक तस्वीर (सोर्स:सोशल मीडिया )
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Nashik Industrial Development News:  नासिक को औद्योगिक निवेश का एक प्रमुख केंद्र बनाने का संकल्प व्यक्त करते हुए निमा (NIMA) के अध्यक्ष आशीष नहार ने कहा कि महिंद्रा एंड महिंद्रा परियोजना में निवेश, सीपीआरआई लैब का उ‌द्घाटन, ड्राई पोर्ट परियोजना का कार्यान्वयन, और डिफेंस इनोवेशन सेंटर के लिए नाशिक का चयन विकास के लिए महत्वपूर्ण कदम हैं।

यह बात नहार ने यशवंतराव चव्हाण महाराष्ट्र मुक्त विश्वविद्यालय (YCMOU) के 'यश इन' सभागार में आयोजित शिक्षा-कौशल शिक्षा समन्वय उपक्रम के तहत निमा और लघु उद्योग भारती के साथ आयोजित संयुक्त बैठक में कही। इस बैठक में रोजगार क्षमता में वृद्धि और उद्योग-शिक्षा समन्वय को मजबूत करने पर जोर देने का निर्णय सर्वसम्मति से लिया गया।

पाठ्यक्रमों में हो उद्योग का काम: मंच पर विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. संजीव सोनवणे, निमा अध्यक्ष आशीष नहार,प्रतिकुलपति डॉ. जोगेंद्रसिंह बिसेन सहित अन्य प्रमुख पदाधिकारी उपस्थित थे। कुलपति संजीव सोनवणे ने कहा कि पाठ्यक्रमों को अधिक रोजगारोन्मुखी बनाने के लिए निम्न पर जोर देने की आवश्यकता है- प्रत्यक्ष उद्योग कामकाज पर आधारित उद्योग-विशिष्ट प्रैक्टिकल और अनुसंधान।

कैप्सूल पाठ्यक्रम, पुस्तिकाएं, लिंक-आधारित शिक्षण सामग्री और दृश्य-श्रव्य वीडियो तैयार करना। उद्योग क्षेत्र की अद्यतन आवश्यकताओं के अनुसार अल्पकालिक परियोजनाएँ लागू करने के लिए विश्वविद्यालय की तत्परता व्यक्त की गई।

पर्यावरण, जल संरक्षण, स्वरोजगार और गोदावरी स्वच्छता अभियान

  • लघु उद्योग भारती के अध्यक्ष निखिल तापड़िया ने जल संरक्षण, पर्यावरण संरक्षण और गोदावरी स्वच्छता अभियान पर बल दिया। साथ ही, उन्होंने ईवी प्रौद्योगिकी के प्रसार के लिए चल रहे उपक्रमों की जानकारी दी।
  • स्नेहल म्हापणकर ने मशरूम, नर्सरी, कृषि प्रोटोटाइप जैसे स्वरोजगार के अवसरों के साथ-साथ स्टार्टअप और ऊष्मायन (Incubation) केंद्रों से युवाओं को मिल रहे अवसरों पर प्रकाश डाला।
  • नाशिक के समग्र और टिकाऊ विकास के लिए उद्योग-शैक्षणिक सहयोग की यह बैठक महत्वपूर्ण साबित हुई।

कौशल विकास और नए पाठ्यक्रम

वाणिज्य व प्रबंधन विद्याशाखा के निदेशक प्रो. सुरेंद्र पाटोले ने कौशल विकास के लिए कई सुझाव दिए। उन्होंने क्यूआर कोड आधारित प्रमाण पत्र, ई-गैरेज, अल्पकालिक और कैप्सूल कोर्स, तथा साइबर सुरक्षा, हेल्थकेयर, इलेक्ट्रिकल जैसे क्षेत्रों में नए पाठ्यक्रम विकसित करने की आवश्यकता को रेखांकित किया। इसके अलावा, छात्रों के लिए इंटर्नशिप और स्टाइपेंड मॉडल भी सुझाए गए।

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