
Election Result Controversy:नासिक महानगरपालिका (सोर्सः सोशल मीडिया)
Nashik Municipal Election: नासिक महानगरपालिका का चुनाव हाल ही में संपन्न हुआ है। इसी बीच प्रभाग क्रमांक 26 के चुनाव परिणाम पर गंभीर आपत्ति जताते हुए प्रशांत खरात के नेतृत्व में मंगलवार को चुनाव निर्णय अधिकारी पवन दत्ता एवं मंत्री गिरीश महाजन के विरोध में भव्य निषेध मोर्चा निकाला गया। इस मोर्चे ने पूरे शहर का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया।
प्रभाग क्रमांक 26 से आशा खरात, किरण दराडे, किरण राजवाडे और नितीन दातीर का पैनल चुनावी मैदान में था। इस पैनल के तीन उम्मीदवारों की जीत हुई, जबकि आशा खरात को मात्र 562 मतों से पराजय का सामना करना पड़ा। प्रशांत खरात ने आरोप लगाया कि चुनाव निर्णय अधिकारी पवन दत्ता द्वारा मतगणना प्रक्रिया में गंभीर अनियमितताएं की गईं।
इसी पृष्ठभूमि में घरकुल, दत्तनगर, चुंचाले, अंबडगांव जनता स्वीट्स, संभाजी महाराज स्टेडियम, अंबड पुलिस थाना, गणेश चौक, भुजबळ फार्म, लेखा नगर और मुंबई नाका होते हुए यह मोर्चा सीबीएस स्थित जिलाधिकारी कार्यालय तक पहुंचा। मोर्चे में बड़ी संख्या में युवा-युवतियां, महिलाएं, पुरुष और वरिष्ठ नागरिक शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों ने हाथों में झंडे लेकर पूरे परिसर को नारों से गुंजायमान कर दिया। डीजे पर देशभक्ति गीत बजाए गए, वहीं “पवन दत्ता हटाओ”, “लोकतंत्र बचाओ” और “री-काउंटिंग करो” जैसे नारों से माहौल गूंज उठा। इस दौरान चुनाव निर्णय अधिकारी पवन दत्ता और मंत्री गिरीश महाजन के खिलाफ तीव्र नारेबाजी की गई।
आंदोलनकारियों ने मतगणना में पारदर्शिता नहीं होने का आरोप लगाते हुए पुनर्मतगणना की ठोस मांग की। मोर्चे को देखने के लिए सड़क के दोनों ओर नागरिकों की भारी भीड़ जमा हो गई। कई नागरिकों के मन में यह सवाल उठता दिखा कि यदि पराजित उम्मीदवार के समर्थन में इतनी बड़ी भीड़ उमड़ रही है, तो वह उम्मीदवार पराजित कैसे हो सकता है।
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मोर्चे के कारण कुछ समय के लिए यातायात व्यवस्था बाधित हुई। हालांकि प्रशासन की ओर से कड़ा पुलिस बंदोबस्त तैनात कर स्थिति को नियंत्रण में रखा गया। चुनाव परिणाम को लेकर भड़का यह आंदोलन नासिक की राजनीति में खलबली मचाने वाला साबित हुआ है और इसके दूरगामी राजनीतिक प्रभाव पड़ने की संभावना जताई जा रही है।






