नगरसेवकों के टूटने-भागने की कोई गुंजाइश नहीं, वडेट्टीवार का दावा, चंद्रपुर में कांग्रेस का बनेगा मेयर

Vijay Wadettiwar: कांग्रेस नेता विजय वडेट्टीवार ने दावा किया है कि चंद्रपुर महानगरपालिका में कांग्रेस के नगरसेवकों के टूटने की कोई संभावना नहीं है और शहर में कांग्रेस का ही महापौर बनेगा।
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Vijay Wadettiwar:कांग्रेस नेता विजय वडेट्टीवार (सोर्सः सोशल मीडिया)
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Chandrapur Municipal Corporation: चंद्रपुर में कांग्रेस के नगरसेवकों के भाजपा के संपर्क में होने की चर्चाओं को कांग्रेस नेता विजय वडेट्टीवार ने सिरे से खारिज किया है। उन्होंने इसे भाजपा नेताओं द्वारा फैलाई जा रही अफवाह करार देते हुए कहा कि कांग्रेस ने आवश्यक संख्याबल जुटा लिया है और चंद्रपुर महानगरपालिका में कांग्रेस की सत्ता बनना तय है। नागपुर में पत्रकारों से बातचीत के दौरान वडेट्टीवार ने कहा कि चंद्रपुर में कांग्रेस का मेयर बनाना उनकी प्राथमिकता है और वहां किसी भी नगरसेवक के टूटने या भागने की कोई गुंजाइश नहीं है।

उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि भाजपा नेता केवल राजनीतिक “पतंगबाजी” कर रहे हैं। इस बीच चंद्रपुर की कांग्रेस सांसद प्रतिभा धानोरकर ने ही विजय वडेट्टीवार पर कांग्रेस के नगरसेवकों को नागपुर में ठहराने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि चंद्रपुर के कुछ नगरसेवक नागपुर में रुके हुए हैं, जिनमें से कुछ उनके करीबी हैं और उनसे संपर्क नहीं हो पा रहा है। इसी कारण उन्होंने अपनी नाराजगी व्यक्त की है।

भाजपा के कुछ पार्षद कांग्रेस के संपर्क में

वडेट्टीवार ने दावा किया कि चंद्रपुर मनपा में कांग्रेस की सत्ता बनती देख भाजपा के कुछ नगरसेवक कांग्रेस के संपर्क में हैं। उन्होंने कहा कि चंद्रपुर की जनता ने कांग्रेस को स्पष्ट जनादेश दिया है, इसलिए वहां जनता की अपेक्षा के अनुरूप कांग्रेस का ही महापौर बनेगा। मेयर पद पर शिवसेना (उद्धव ठाकरे गुट) की दावेदारी को लेकर उन्होंने कहा कि मांग करना उनका अधिकार है और इस विषय पर शिवसेना के वरिष्ठ नेताओं के साथ चर्चा जारी है। कांग्रेस का स्पष्ट रुख है कि निष्ठावान और अनुभवी नगरसेवक को ही महापौर बनाया जाना चाहिए।

पालघर से गुजराती भाषा का प्रवेश

मुंबई-अहमदाबाद राष्ट्रीय राजमार्ग पर 19 और 20 जनवरी को मुंबई की ओर जाने वाले भारी वाहनों के लिए मार्ग बंद रखने संबंधी अधिसूचना पालघर के जिलाधिकारी द्वारा गुजराती भाषा में जारी किए जाने पर वडेट्टीवार ने तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि यह केवल शुरुआत है और पालघर से गुजराती भाषा का प्रवेश कराया जा रहा है। उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा कि भाजपा का मुंबई में महापौर होगा, यानी मुंबई किसके इशारे पर चलेगी, यह समझना मुश्किल नहीं है। उन्होंने सीधे तौर पर “दिल्ली दरबार” की ओर इशारा किया।

विदेशी कंपनियों के करार पर सवाल

दावोस में राज्य सरकार द्वारा हजारों करोड़ रुपये के सामंजस्य करार (MoU) किए जाने पर सवाल उठाते हुए वडेट्टीवार ने कहा कि यदि देश की ही कंपनियां विदेश जाकर करार कर रही हैं तो इससे महाराष्ट्र को वास्तविक लाभ क्या होगा। उन्होंने मांग की कि यह स्पष्ट किया जाए कि कितनी विदेशी कंपनियां वास्तव में महाराष्ट्र में निवेश करने जा रही हैं।

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