77% जल भंडार फिर भी नासिक में जल संकट की आहट, 423 गांवों पर खतरा, टैंकर से पानी की तैयारी

Nashik Water Crisis: नासिक जिले में बांधों में 77% पानी होने के बावजूद 423 गांवों में जल संकट की आशंका है। प्रशासन ने 7.38 करोड़ रुपये का किल्लत निवारण खाका तैयार किया है।
Nashik faces a water crisis despite 77% water reserves, threatening 423 villages, and preparing to use tankers for water.
प्रतीकात्मक तस्वीर ( सोर्स: सोशल मीडिया )
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Nashik Rural Water Supply: नासिक जिले के बांधों में फरवरी के दूसरे सप्ताह तक लगभग 77 प्रतिशत जल भंडार उपलब्ध होने के बावजूद, ग्रामीण इलाकों में भीषण जल संकट की आशंका जताई जा रही है। जिला परिषद के ग्रामीण जलापूर्ति विभाग के अनुसार, जिले के 423 गांवों और 652 बस्तियों (वाड़ियों) को पानी की भारी किल्लत का सामना करना पड़ सकता है।

इस स्थिति से निपटने के लिए प्रशासन ने 7 करोड़ 38 लाख रुपये का 'संभाव्य किल्लत निवारण खाका' तैयार कर मंजूरी के लिए भेजा है। पर्याप्त जल भंडारण के बावजूद गिरते भूजल स्तर ने प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है। पेठ, सुरगाणा, येवला, सिन्नर और चांदवड़ जैसी तहसीलों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। योजना के अनुसार, 160 गांवों में निजी कुओं का अधिग्रहण किया जाएगा और लगभग 162 टैंकरों के माध्यम से जलापूर्ति की जाएगी।

बकायादारों पर मनपा का हंटर

दूसरे चरण (जनवरी से मार्च) की किल्लत दूस करने के लिए 1 करोड़ 39 लाख 79 हजार रुपये का प्रस्ताव रखा गया है। शहर में जल कर (नळपट्टी) के बढ़ते बोझ को देखते हुए महानगरपालिका आयुक्त मनीषा खत्री ने कड़ा रुख अपनाया है। शहर के ढाई लाख उपभोक्ताओं पर लगभग 75 करोड़ रुपये चकाया हैं। बार-बार अपील के बावजूद भुगतान न करने वाले 1,200 बड़े बकायादारों को वारंट जारी करने के आदेशा दिए गए है, साथ ही, प्रत्येक विभाग में 25 के मान से कुल 150 अवैध या बकाया वाले नल कनेक्शन तत्काल काटने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

कुंभ मेले से पहले 'वॉटर मीटर' अनिवार्य

आगामी सिंहस्थ कुंभ मेले की तैयारियों को देखते हुए अब प्रत्येक उपभोक्ता के लिए 'वॉटर मीटर' लगाना अनिवार्य कर दिया गया है। आयुक्त ने स्पष्ट किया है कि बिल न मिलने का बहाना बनाकर भुगतान टालने वालों पर अब सख्ती बरती जाएगी, वित्तीय वर्ष समाप्त होने में केवल डेढ़ महीने का समय बचा है, ऐसे में प्रशासन का लक्ष्य शत-प्रतिशत वसूली का है। यदि वारंट के बाद भी कर नहीं भरा गया, तो संपत्ति कुर्क करने जैसी वैधानिक कार्रवाई की जा सकती है।

संकट और समाधान के मुख्य बिंदु

प्रभावित क्षेत्र: 423 गांव प्रस्तावित बजट 7.38 करोड़ रुपये, कुल बकाया करः 75 करोड़ रुपये। कठोर कार्रवाई 1200 वारंट और 150 कनेक्शन काटने का लक्ष्य कुंभ मेले से पहले 'वॉटर

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