
प्रतीकात्मक तस्वीर ( सोर्स: सोशल मीडिया )
Nashik Municipal Corporation: नासिक महानगरपालिका के सबसे महत्वपूर्ण माने जाने वाले नगर नियोजन (टाउन प्लानिंग) विभाग में वर्षों से जमे अधिकारियों के एकाधिकार को आयुक्त मनीषा खत्री ने एक झटके में खत्म कर दिया है।
विभाग में पारदर्शिता लाने और ‘दादागिरी’ पर लगाम कसने के उद्देश्य से आयुक्त ने उप अभियंता, शाखा अभियंता और कनिष्ठ अभियंता स्तर के 16 अधिकारियों का तत्काल प्रभाव से तबादला कर दिया है।
इस बड़ी कार्रवाई से पूरे प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया है। आयुक्त ने इस बार तबादलों के लिए बेहद पारदर्शी और अनोखा तरीका अपनाया। सोमवार शाम को आयुक्त ने सभी 16 अधिकारियों को अपने कक्ष में बुलाया।
किसी भी पक्षपात से बचने के लिए ‘चिट्ठी पद्धति’ के माध्यम से उनके नए कार्यक्षेत्रों का आवंटन किया गया। कार्यकारी अभियंता प्रशांत पगार का जलापूर्ति विभाग में तबादला होने के मात्र दो दिन बाद ही यह बड़ी कार्रवाई की गई है। तबादले की इस सूची में उप अभियंता, सहायक अभियंता, शाखा अभियंता और कनिष्ठ अभियंता शामिल हैं।
विभाग में कई अधिकारी पिछले कई वर्षों से एक ही डेस्क या विशिष्ट क्षेत्र का कार्यभार संभाल रहे थे। लंबे समय तक एक ही स्थान पर रहने के कारण कतिपय अधिकारियों ने अपना ‘एकाधिकार’ बना लिया था, जिससे बाहरी हस्तक्षेप और भ्रष्टाचार की शिकायतें बढ़ रही थीं।
आयुक्त की इस कार्रवाई से कार्यों में पारदर्शिता आएगी और फाइलों को अटकाने की प्रवृत्ति पर रोक लगेगी। आयुक्त मनीषा खत्री के इस सख्त तेवर की पूरे मनपा मुख्यालय में चर्चा हो रही है।
यह भी पढ़ें:-सिंहस्थ कुंभ की तैयारियों पर खुद उतरे आयुक्त, घाट, पुल व सड़क पर नियम तोड़े तो होगी कड़ी कार्रवाई
अधिकारियों के कार्यक्षेत्र बदलने से अब नए प्रोजेक्ट्स और नक्शों की मंजूरी की प्रक्रिया में तेजी आने की उम्मीद है। जानकारों का मानना है कि यह तबादले उन लोगों के लिए एक कड़ा संदेश हैं जो प्रशासन को अपनी निजी जागीर समझकर मनमानी कर रहे थे।






