सिंहस्थ कुंभ की तैयारी तेज, त्र्यंबकेश्वर में 108 करोड़ के काम; कुंभ कार्यों को हरी झंडी
Simhastha Kumbh: नासिक-त्र्यंबकेश्वर कुंभ मेला डेवलपमेंट अथॉरिटी ने सिंहस्थ कुंभ को लेकर 108.27 करोड़ रुपये के विकास कार्यों को प्रशासनिक मंजूरी दी है।
- Written By: अंकिता पटेल
प्रतीकात्मक तस्वीर ( सोर्स: सोशल मीडिया )
Kumbh Mela Trimbakeshwar Development: नासिक-त्र्यंबकेश्वर कुंभ मेला डेवलपमेंट अथॉरिटी की महत्वपूर्ण बैठक में विकास कार्यों को नई गति दी गई है। अथॉरिटी के चेयरमैन डॉ. प्रवीण गेडाम ने त्र्यंबकेश्वर में सिंहस्थ कुंभमेले से जुड़े 108 करोड़ 27 लाख रुपये के विभिन्न विकास कार्यों को प्रशासनिक मंजूरी प्रदान की है। इस फंड से त्र्यंबकेश्वर के 10 प्रमुख अखाड़ों, नई प्रशासनिक बिल्डिंग और पार्किंग व्यवस्था को सुदृढ़ किया जाएगा।
प्रमुख विकास कार्यों पर एक नजर
बैठक में श्रद्धालुओं और साधु-संतों की सुविधा के लिए कई महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट्स पर मुहर लगाई गई है। त्र्यंबकेश्वर के 10 अलग-अलग अखाड़ों में शौचालय ब्लॉक, आंतरिक सड़कों का निर्माण और अन्य सहायक कार्यों को मंजूरी दी गई है।
खेरवाड़ी, सुकाने, ओढ़ा और देवलाली रेलवे स्टेशनों पर जलापूर्ति (वॉटर सप्लाई) के कार्यों को भी हरी झंडी मिली है ताकि बाहर से आने वाले यात्रियों को परेशानी न हो।
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क्षेत्र की विद्युत आपूर्ति व्यवस्था को मजबूत करने और त्र्यंबकेश्वर नगर परिषद के लिए एक नए प्रशासनिक भवन के निर्माण का रास्ता साफ हो गया है।
जमीन अधिग्रहण और सर्वेक्षण की रणनीति
कुंभ मेले के सुचारू आयोजन के लिए तकनीकी पहलुओं पर भी विस्तृत चर्चा की गई, त्र्यंबकेश्वर नगर परिषद के अंतर्गत अधिग्रहित क्षेत्रों के सर्वेक्षण के लिए विशेष सलाहकारों की नियुक्ति की जाएगी।
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जिला कलेक्टर प्रसाद ने बैठक में प्रशासनिक भवन के लिए जरूरी जगह और जमीन अधिग्रहण की वर्तमान स्थिति की जानकारी साझा की, सप्तश्रृंग गड (वणी) में नए बस स्टैंड के निर्माण को मंजूरी दी गई है। जिससे यहीं आने वाले भक्तों को बेहतर परिवहन सुविधा मिलेगी।
समय पर काम पूरा करने की चुनौती
डॉ. प्रवीण गेडाम ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए हुई इस बैठक में सभी संबंधित विभागों को सख्त निर्देश दिए कि वे ‘नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट’ (एनओसी) जारी करने की प्रक्रिया में देरी न करें, उन्होंने कहा कि सिंहस्थ कुंभ मेला एक वैश्विक आयोजन है, इसलिए बुनियादी ढांचे से जुड़े सभी काम समय सीमा के भीतर पूरे होने चाहिए, बैठक में अथॉरिटी के कमिश्नर शेखर सिंह सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। इन कार्यों के पूरा होने से न केवल त्र्यंबकेश्वर बल्कि पूरे जिले का आधारभूत ढांचा मजबूत होगा।
