कसारा-मनमाड के बीच बिछेगी 131 किमी लंबी नई रेल लाइन; बिना अतिरिक्त इंजन के घाट पार करेंगी ट्रेनें

Nashik Local Train News: नासिकवासियों के लिए खुशखबरी! रेल मंत्रालय ने 4500 करोड़ के कसारा-मनमाड पैरेलल लाइन प्रोजेक्ट को हरी झंडी दे दी है। अब नासिक-कल्याण लोकल का रास्ता साफ होगा।
Nashik Kalyan New Rail Line News
प्रतीकात्मक तस्वीर (सोर्स: सोशल मीडिया)
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Nashik Kalyan New Rail Line News: मुंबई में नौकरी और व्यवसाय करने वाले नासिकवासियों के लिए नए साल का सबसे बड़ा उपहार सामने आया है। केंद्र सरकार और रेल मंत्रालय ने कसारा से मनमाड के बीच 131 किलोमीटर लंबी नई पैरेलल (समानांतर) रेलवे लाइन के निर्माण को अंतिम मंजूरी दे दी है। लगभग 4,500 करोड़ रुपये की लागत वाला यह प्रोजेक्ट न केवल नासिक-कल्याण के बीच प्रस्तावित 'लोकल' सेवा की नींव रखेगा, बल्कि ट्रेनों के परिचालन समय में भी भारी कमी लाएगा।

कसारा घाट में बनेंगे 18 नए टनल

इस प्रोजेक्ट का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा कसारा घाट की कठिन भौगोलिक परिस्थितियों को सुगम बनाना है। वर्तमान में, कसारा घाट की खड़ी चढ़ाई के कारण ट्रेनों को अतिरिक्त इंजन (Banker) की सहायता लेनी पड़ती है, जिससे काफी समय बर्बाद होता है। रेलवे मंत्रालय की योजना के अनुसार, इस नए रूट पर 18 अत्याधुनिक सुरंगें (Tunnels) बनाई जाएंगी। इन सुरंगों के माध्यम से घाट की चढ़ाई की ऊंचाई को कम किया जाएगा, जिससे ट्रेनें बिना किसी अतिरिक्त इंजन के सुगमता से घाट पार कर सकेंगी।

भगूर और एकलहरे से गुजरेगी नई लाइन

प्रस्तावित योजना के तहत यह नई रेल लाइन भगूर और एकलहरे जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों से होकर गुजरेगी। इससे इन उपनगरीय क्षेत्रों के निवासियों को सीधे रेल कनेक्टिविटी का लाभ मिलेगा। पैरेलल लाइन बिछने से मुख्य लाइनों पर दबाव कम होगा, जिससे मेल और एक्सप्रेस ट्रेनों की औसत गति में 20 से 30 प्रतिशत का इजाफा होने की उम्मीद है।

लोकल ट्रेन सेवा के प्रयासों को मिली मजबूती

नासिक से कल्याण तक लोकल ट्रेन चलाने की मांग दशकों पुरानी है। वर्तमान में कसारा तक ही लोकल सेवा उपलब्ध है, जिसके कारण यात्रियों को बस या एक्सप्रेस ट्रेनों पर निर्भर रहना पड़ता है। नई लाइन बिछने के बाद, लोकल ट्रेनों के लिए अलग ट्रैक उपलब्ध होगा, जिससे नियमित अंतराल पर लोकल फेरी शुरू करना संभव हो जाएगा।

आर्थिक और औद्योगिक विकास को मिलेगी गति

इस रेल प्रोजेक्ट के पूर्ण होने से नासिक और मुंबई के बीच 'कम्युटिंग' आसान हो जाएगी। इससे नासिक के औद्योगिक क्षेत्रों (MIDC) और कृषि निर्यात को बड़ा प्रोत्साहन मिलेगा। रेलवे अधिकारियों के अनुसार, इस वर्ष के भीतर प्रोजेक्ट के टेंडर और जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया में तेजी लाई जाएगी, ताकि नासिकवासियों का लोकल में सफर करने का सपना जल्द हकीकत बन सके।

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